AI युग में बिहार की पढ़ाई में बड़ा बदलाव: टेक्नोलॉजी और क्रॉसवर्ड से स्मार्ट बनेगा क्लासरूम
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इस मौके पर कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा को तकनीक से जोड़ना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि क्रॉसवर्ड आधारित शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों के दिमागी विकास, तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल को मजबूत करेगी। इससे पढ़ाई न सिर्फ आसान होगी, बल्कि रोचक भी बनेगी।
इस नई पहल के तहत राज्य के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सीधे लाभ मिलेगा। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे इस आधुनिक शिक्षण पद्धति को प्रभावी ढंग से कक्षा में लागू कर सकें। साथ ही, विभाग इस योजना के सफल संचालन के लिए एक नोडल पदाधिकारी भी नियुक्त करेगा।
अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने इसे शिक्षा क्षेत्र में बड़ा नवाचार बताते हुए कहा कि यह कदम बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, ‘एक्स्ट्रा-सी’ के प्रमुख अमिताभ रंजन ने बताया कि उनकी संस्था पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर क्रॉसवर्ड आधारित लर्निंग प्रोग्राम चला रही है, जिससे छात्रों की शब्दावली और सोचने की क्षमता में तेजी से सुधार होता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप यह पहल बिहार के छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़ाकर स्मार्ट लर्निंग की ओर ले जाएगी। साफ है कि आने वाले समय में बिहार के क्लासरूम सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि तकनीक और नवाचार का नया केंद्र बनेंगे।







