Newshaat_Logo

बिहार विधानसभा कर्मियों के लिए बड़ी सौगात: 25 मई से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक, CNG और पिंक बसें

 
बिहार विधानसभा कर्मियों के लिए बड़ी सौगात: 25 मई से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक, CNG और पिंक बसें
Bihar News: वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन की बढ़ती खपत को देखते हुए बिहार विधानसभा सचिवालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विधानसभा में कार्यरत पदाधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करने तथा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष बस सेवा शुरू की जा रही है।

इस संबंध में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में परिवहन मंत्री दामोदर रावत एवं विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर योजना को अंतिम रूप दिया।

25 मई से शुरू होगी नई बस सेवा

बैठक में विधानसभा सचिवालय कर्मियों के लिए इलेक्ट्रिक, सीएनजी और पिंक बसों के संचालन पर विस्तार से चर्चा हुई। परिवहन विभाग ने बताया कि कई रूटों पर पहले से संचालित बसों का लाभ विधानसभा कर्मी भी उठा सकेंगे। साथ ही नए रूटों पर अतिरिक्त बसों के संचालन को भी मंजूरी दी गई।

इन प्रमुख रूटों पर चलेगी बसें

पहला रूट:
एम्स पटना – फुलवारीशरीफ – अनीसाबाद – चितकोहरा – कच्ची तालाब – गर्दनीबाग – मीठापुर – बिहार विधान मंडल सचिवालय

दूसरा रूट:
सगुना मोड़ – आरपीएस मोड़ – गोला रोड – जगदेव पथ – आशियाना मोड़ – रामनगरी – राजीवनगर – राजवंशी नगर – शास्त्री नगर – बिहार विधान मंडल सचिवालय

तीसरा रूट:
धनकी मोड़ – कुम्हरार – भूतनाथ मोड़ – एनएमसीएच – राजेंद्र नगर टर्मिनल – कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ – करबिगहिया – आर ब्लॉक – बिहार विधान मंडल – निर्वाचन आयोग – विकास भवन

हरी झंडी दिखाकर करेंगे शुभारंभ

निर्णय के अनुसार 25 मई 2026 से विभिन्न रूटों पर इलेक्ट्रिक, सीएनजी और पिंक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार अपने सरकारी आवास से सुबह 8 बजे इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

बैठक में कहा गया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के आह्वान के अनुरूप है। इससे न केवल कर्मचारियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल वर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इस नई व्यवस्था को विधानसभा कर्मियों के लिए एक बड़ी सुविधा और हरित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।