बिहार के किसानों के लिए बड़ी पहल, 80 फीसदी तक अनुदान पर मिलेंगे कृषि यंत्र; 8 सितंबर से आवेदन शुरू
Bihar news: बिहार में खेती को आधुनिक बनाने और छोटे व सीमांत किसानों तक महंगे कृषि उपकरणों की पहुंच आसान करने के लिए राज्य सरकार ने कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत नई पहल शुरू की है। किसानों और विभिन्न किसान समूहों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए 8 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इस योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक और स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों से किसान अपनी जरूरत के हिसाब से कृषि यंत्र किराये पर लेकर इस्तेमाल कर सकेंगे।
महंगे कृषि यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि हर किसान के लिए महंगे कृषि यंत्र खरीदना संभव नहीं होता। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटर किसानों के लिए उपयोगी साबित होंगे।
इन केंद्रों पर उपलब्ध मशीनों को किराये पर लेकर किसान खेती का काम कम समय और कम लागत में पूरा कर सकेंगे। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है।
267 कस्टम हायरिंग सेंटर होंगे स्थापित
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत बिहार में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत अधिकतम 10 लाख रुपये रखी गई है।
इस पर सरकार की ओर से लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
फार्म मशीनरी बैंक पर 8 लाख तक की मदद
योजना के तहत राज्य में 38 फार्म मशीनरी बैंक भी बनाए जाएंगे। प्रत्येक बैंक की अधिकतम परियोजना लागत 10 लाख रुपये होगी।
पात्र समूहों को इस पर लागत का 80 प्रतिशत तक, अधिकतम 8 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 200 विशेष केंद्र
पराली और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 20 लाख रुपये तक होगी। 55 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर और जरूरी कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान, अधिकतम 12 लाख रुपये तक देने का प्रावधान है।
ड्रोन से लेकर 86 तरह के कृषि यंत्रों पर सहायता
कृषि में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए भी योजना के तहत 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक के जरिए खेती और फसल प्रबंधन की सुविधा मिल सकेगी।
इसके अलावा व्यक्तिगत किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए जीविका समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर फेडरेशन से जुड़े फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप, नाबार्ड या राष्ट्रीयकृत बैंक से जुड़े किसान क्लब, एफपीओ, एफपीसी, स्वयं सहायता समूह और पैक्स समेत पात्र संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं।
इच्छुक आवेदक कृषि विभाग के पोर्टल farmech.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन लॉटरी से होगा लाभार्थियों का चयन
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। चयन की वैधता 15 दिनों तक रहेगी। स्वीकृत अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है।







