Newshaat_Logo

दिवाली-छठ पर बिहारियों को बड़ी राहत: रेल मंत्री ने की 12 हजार से ज्यादा विशेष ट्रेनों की घोषणा

 
Rail mantri ka big step for Bihari people

Patna: बिहार के लाखों प्रवासी अब त्योहारों पर घर लौटने को लेकर परेशान नहीं होंगे। केंद्र सरकार ने चुनावी माहौल में बिहारवासियों को बड़ी सौगात दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि इस बार दिवाली और महापर्व छठ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए 12,000 से अधिक विशेष ट्रेन सेवाएं चलाई जाएंगी।

भीड़ और टिकट की समस्या से मिलेगी राहत

रेल मंत्री ने बताया कि हर साल दिवाली और छठ के मौके पर बिहार की ओर जबरदस्त भीड़ उमड़ती है। नतीजा यह होता है कि टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है और यात्रा भी दिक्कतों भरी रहती है। इस बार यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे ने खास इंतज़ाम किए हैं।
    •    गया से दिल्ली के लिए अमृत भारत ट्रेन शुरू होगी।
    •    वैशाली से बुद्ध सर्किट ट्रेन चलाई जाएगी, जो हाजीपुर, पाटलिपुत्र, नालंदा, राजगीर और गया जैसे बौद्ध स्थलों को जोड़ेगी।
    •    पूर्णिया से पटना के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस भी शुरू होगी, जिससे लोगों को तेज़ और आरामदायक सफर मिलेगा।

रेल मंत्री ने बताया कि ये विशेष ट्रेनें लगातार दो महीने तक चलाई जाएंगी, ताकि लाखों प्रवासियों को बिना किसी रुकावट के घर लौटने की सुविधा मिल सके।

पहली बार राउंड ट्रिप पैकेज

यात्रियों की जेब का ख्याल रखते हुए रेलवे ने इस बार राउंड ट्रिप पैकेज की पायलट योजना शुरू की है।
    •    आने-जाने के टिकट एक साथ बुक करने पर वापसी टिकट पर 20% तक की छूट मिलेगी।
    •    यह सुविधा 13 अक्टूबर से 1 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी।
    •    छूट सभी ट्रेनों और सभी क्लासों पर उपलब्ध होगी।

नेताओं की मौजूदगी और प्रतिक्रिया

रेल मंत्री ने इन योजनाओं की घोषणा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद संजय झा और सांसद डॉ. संजय जायसवाल की मौजूदगी में की।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह और बिहार की जनता की ज़रूरत को देखते हुए लिया गया है।

त्योहारों पर घर वापसी होगी आसान

त्योहारों पर अपने गांव-घर लौटने को बेताब बिहारियों के लिए यह घोषणा बड़ी राहत है। रेल मंत्री की यह पहल न सिर्फ प्रवासी बिहारियों के सफर को आसान बनाएगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन और बिहार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी नई पटरी पर ले जाने का काम करेगी।