पप्पू यादव को हाईकोर्ट से बड़ी राहत! सुरक्षा घटाने के फैसले पर लगी रोक, “वाई प्लस” सुरक्षा बहाल
जस्टिस जितेंद्र कुमार की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पप्पू यादव की “वाई प्लस” सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बहाल करने का आदेश दिया। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा कम करने से पहले कोई ठोस और वस्तुनिष्ठ खतरे का आकलन प्रस्तुत नहीं कर सकी। ऐसे में सुरक्षा घटाने का आदेश न्यायिक परीक्षण में टिक नहीं पाया।
दरअसल, बिहार सरकार द्वारा सुरक्षा श्रेणी कम किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कनिष्क अरोड़ा ने दलील दी कि यह मामला सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा है, जो प्रत्येक नागरिक को जीवन और व्यक्तिगत सुरक्षा का अधिकार देता है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पप्पू यादव को लगातार खतरे मिलते रहे हैं और ऐसे में सुरक्षा कम करना उनकी जान को जोखिम में डालने जैसा है।
वहीं राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता किंकर कुमार ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया था। हालांकि अदालत सरकार की दलीलों से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई।
हाईकोर्ट के इस फैसले को राजनीतिक गलियारों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में सरकार को पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना होगा। फैसले के बाद पप्पू यादव समर्थकों में खुशी की लहर है, जबकि राजनीतिक हलकों में इसे बिहार सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।







