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बिहार विधान सभा में बड़ी समीक्षा बैठक: डॉ. प्रेम कुमार के निर्देश- घोड़परास शूटर बढ़ेंगे, सर्पदंश पर 10 लाख मुआवजा देने की तैयारी

 
बिहार विधान सभा में बड़ी समीक्षा बैठक: डॉ. प्रेम कुमार के निर्देश- घोड़परास शूटर बढ़ेंगे, सर्पदंश पर 10 लाख मुआवजा देने की तैयारी
Bihar news: बिहार विधानसभा के दूसरे सत्र के दौरान एक अहम मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। यह बैठक विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में हुई, जिसमें वन्यजीव से जुड़े नुकसान, किसानों की फसल क्षति और सर्पदंश मुआवजा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सामने आया कि राज्य में घोड़परास (नीलगाय) के शिकार के लिए लाइसेंसधारी शूटरों की संख्या फिलहाल सिर्फ 13 है। इस पर नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शूटरों की संख्या बढ़ाकर 200 से 400 तक की जाए। साथ ही शिकार की अनुमति लेने की प्रक्रिया आसान बनाने और योजना का व्यापक प्रचार करने को कहा गया, ताकि फसल बचाव में किसानों को वास्तविक मदद मिल सके।

समीक्षा के दौरान यह भी पता चला कि घोड़परास से फसल नुकसान के मामलों में अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस पर अध्यक्ष ने क्षति आकलन और आवेदन प्रक्रिया सरल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर तक मौजूद कृषि विभाग के जरिए इस योजना की निगरानी और क्रियान्वयन बेहतर तरीके से कराया जाए।

बैठक में सर्पदंश से मौत या नुकसान के मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। पहले सदन में इस विषय पर आश्वासन देने वाले दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का भी जिक्र हुआ। अभी सर्पदंश से मौत पर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 4 लाख रुपये मुआवजा मिलता है, जबकि वन्यजीव हमले में मौत पर 10 लाख रुपये का प्रावधान है। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सांप को स्पष्ट रूप से वन्यजीव घोषित करने और सर्पदंश मामलों में भी 10 लाख रुपये मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विधायक मौजूद रहे। सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन फैसलों को जल्द लागू करने की दिशा में कार्रवाई शुरू की जाएगी।