एसिड अटैक पीड़ितों के लिए बड़ा कदम! पटना में 29 मार्च को मेगा लीगल अवेयरनेस कैंप, मुआवजा और न्याय पर फोकस
पीड़ितों को मिलेगा अधिकारों का पूरा ज्ञान
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एसिड अटैक पीड़ितों को उनके कानूनी अधिकार, मुआवजा योजना, मुफ्त कानूनी सहायता और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी देना है। इसके जरिए पीड़ितों को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
जिलों को सख्त निर्देश- 26 मार्च तक लें फैसला
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) को निर्देश दिया है कि 26 मार्च 2026 तक जिला स्तरीय समितियों के माध्यम से पीड़ितों के मुआवजे से जुड़े मामलों पर निर्णय सुनिश्चित करें। इसका मकसद पीड़ितों को समय पर राहत पहुंचाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है।
लंबित मामलों के लिए भी खुला दरवाजा
अगर किसी भी एसिड अटैक पीड़ित का मामला लंबित है या उसे किसी प्रकार की सहायता की जरूरत है, तो वह संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या बाल्सा, पटना से संपर्क कर सकता है। प्राधिकरण ने आश्वासन दिया है कि ऐसे मामलों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा।
मुफ्त कानूनी मदद का मजबूत सिस्टम
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एक संवैधानिक संस्था है, जो गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराती है। यह संस्था लोक अदालत, कानूनी जागरूकता अभियान और 15100 टोल-फ्री हेल्पलाइन के जरिए लोगों तक न्याय पहुंचाने का काम करती है।
न्याय, सम्मान और नई शुरुआत की पहल
बाल्सा, पटना ने साफ किया है कि उसका लक्ष्य सिर्फ कानूनी मदद देना नहीं, बल्कि पीड़ितों को सम्मानजनक जीवन और पुनर्वास दिलाना भी है। इस पहल से उम्मीद है कि एसिड अटैक पीड़ितों को न्याय के साथ-साथ एक नई शुरुआत का अवसर मिलेगा।







