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बिहार बजट 2026-27: ₹3.47 लाख करोड़ तक पहुंचा सूबे का बजट, 20 साल में बदली आर्थिक तस्वीर

 
बिहार बजट 2026-27: ₹3.47 लाख करोड़ तक पहुंचा सूबे का बजट, 20 साल में बदली आर्थिक तस्वीर
Bihar News: बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार ने मंगलवार को अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹3 लाख 47 हजार 589 करोड़ का बजट सदन के पटल पर रखा। यह बजट न सिर्फ अब तक का सबसे बड़ा बजट है, बल्कि बिहार की बदली हुई आर्थिक स्थिति की साफ तस्वीर भी पेश करता है।

2005 में कैसी थी बिहार की माली हालत

अगर दो दशक पीछे जाएं तो तस्वीर बिल्कुल अलग थी। साल 2005 में बिहार का कुल बजट सिर्फ ₹22,568 करोड़ था। उस समय बजट का बड़ा हिस्सा वेतन और पेंशन में ही खर्च हो जाता था। विकास कार्यों के लिए बहुत कम राशि बचती थी। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद वित्तीय अनुशासन पर जोर दिया गया और धीरे-धीरे आधारभूत ढांचे पर काम शुरू हुआ।

2006-07 में पहला पूर्ण बजट ₹26,310 करोड़ का आया, जिसमें सड़कों और पुलों के निर्माण की नींव पड़ी।

कृषि रोडमैप से बदली रफ्तार

2007 के बाद कृषि रोडमैप लागू हुआ, जिसका असर बजट पर भी दिखा। 2009-10 तक बजट बढ़कर ₹44,525 करोड़ पहुंच गया। 2010 के चुनावी साल में पहली बार बिहार का बजट ₹50 हजार करोड़ के पार गया। इसके बाद 2011-12 में बजट सीधे ₹65,586 करोड़ तक पहुंच गया।

एक लाख करोड़ का ऐतिहासिक पड़ाव

2014-15 में बिहार ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया, जब पहली बार बजट ₹1 लाख करोड़ के पार गया। इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं, लेकिन बजट का आकार लगातार बढ़ता रहा।

महागठबंधन सरकार के दौर में ‘सात निश्चय’ जैसी योजनाओं पर फोकस हुआ और 2017-18 तक बजट ₹1.60 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

3 लाख करोड़ के पार पहुंचा बिहार

2020 के बाद बिहार के बजट ने नई ऊंचाई छुई। 2024 में ₹3.17 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया गया। अब 2026-27 में यह आंकड़ा बढ़कर ₹3.47 लाख करोड़ हो गया है, जो पिछले साल से करीब ₹40 हजार करोड़ ज्यादा है।

20 साल में 14 गुना बढ़ा बजट

₹22 हजार करोड़ से शुरू हुआ बिहार का बजट आज साढ़े तीन लाख करोड़ के करीब पहुंच गया है। यह करीब 14 गुना की बढ़ोतरी है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी बेहतर कर संग्रह, निवेश में इजाफा और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था का नतीजा है।

इस बजट में अब सिर्फ सड़क, बिजली और पुल ही नहीं, बल्कि स्मार्ट गांव, आईटी सेक्टर और रोजगार सृजन पर भी खास जोर दिया गया है। साफ है कि बिहार अब विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।