बिहार दिवस 2026 में दिखा ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ का विजन- EV, रोड सेफ्टी और वाटर मेट्रो ने खींचा ध्यान
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने पवेलियन का उद्घाटन करते हुए दोपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की प्रदर्शनी का जायजा लिया। उन्होंने साफ कहा कि आने वाला समय ईवी का है, जो प्रदूषण कम करने और पर्यावरण बचाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
रोड सेफ्टी पर खास फोकस
पवेलियन को सड़क सुरक्षा थीम पर तैयार किया गया है। यहां लोगों को हेलमेट पहनने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मुफ्त नेत्र जांच, ड्राइविंग सिम्युलेटर और विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी” का संदेश दिया जा रहा है, जिससे हर उम्र के लोग जुड़ पा रहे हैं।
वाटर मेट्रो बना आकर्षण का केंद्र
इस पवेलियन की सबसे खास झलक ‘वाटर मेट्रो’ मॉडल रहा, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। गंगा, गंडक, सोन, कोसी समेत राज्य के सात राष्ट्रीय जलमार्गों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
यहां रो-रो शिप, रो-पैक्स सेवा, कार्गो ट्रांसपोर्ट और सामुदायिक जेटी जैसे मॉडल के जरिए यह समझाया जा रहा है कि भविष्य में बिहार में जल परिवहन कैसे गेमचेंजर बन सकता है।
मनोरंजन के साथ सीखने का मौका
बच्चों और युवाओं के लिए पेंटिंग, क्विज, पजल और संगीत प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई हैं, जिससे यह पवेलियन सिर्फ जानकारी का केंद्र नहीं, बल्कि एक इंटरएक्टिव अनुभव बन गया है।
यह पवेलियन दिखा रहा है कि बिहार अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रीन, सेफ और मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर तेजी से बढ़ रहा है।







