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Bihar Election 2025: लखीसराय सीट पर सियासी घमासान: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को टक्कर देने की तैयारी में महागठबंधन और छोटे दल

 
Bihar Election 2025: लखीसराय सीट पर सियासी घमासान: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को टक्कर देने की तैयारी में महागठबंधन और छोटे दल

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, लखीसराय सीट का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। यह सीट इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि यहां से मौजूदा डिप्टी सीएम और भाजपा के कद्दावर नेता विजय कुमार सिन्हा एनडीए उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने वाले हैं। ऐसे में हर पार्टी अपनी रणनीति के साथ उन्हें चुनौती देने की तैयारी में जुट गई है।

एनडीए का दांव – विजय सिन्हा पर पूरा भरोसा

एनडीए खेमे में तस्वीर लगभग साफ है। भाजपा ने इस सीट पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर ही भरोसा जताया है। पार्टी के आंतरिक सर्वे भी यही इशारा कर रहे हैं कि सिन्हा इस बार भी मजबूत स्थिति में हैं। 2005 से अब तक वह चार बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं और भाजपा उन्हें लखीसराय का अजेय चेहरा मानती है।

राजद की तैयारी – फुलेना सिंह को मिली जिम्मेदारी

महागठबंधन में इस सीट को लेकर खींचतान तेज़ है। सूत्रों के मुताबिक, राजद इस बार कांग्रेस से सीट छीनने के मूड में है। एमएलसी चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले फुलेना सिंह को तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत दिया है। राजद मान रहा है कि फुलेना सिंह यहां से एनडीए को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। तेजस्वी ने हाल ही में कहा भी था कि “विजय सिन्हा इस बार हारेंगे।”

VIP की दावेदारी – विकास सिंह मैदान में

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) भी इस सीट को अपने खाते में लेना चाहती है। पार्टी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने संकेत दिया है कि स्वर्ण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह को यहां से उतारा जा सकता है। विकास सिंह संगठनात्मक स्तर पर काफी सक्रिय माने जाते हैं और युवाओं में उनकी अच्छी पकड़ है।

लोजपा (पारस) का ऐलान – सूरजभान परिवार से उम्मीदवार

लोजपा (पारस) ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि पार्टी इस सीट से सूरजभान सिंह के परिवार का उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि सूरजभान ने अब तक इस पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन माना जा रहा है कि पारस इस सीट से सीधे डिप्टी सीएम को चुनौती देना चाहते हैं।

कांग्रेस की मुश्किलें – दावेदारों की लंबी कतार

कांग्रेस खेमे में टिकट के लिए कई नेता दावेदारी कर रहे हैं। पिछले चुनाव में पार्टी की हार के बाद स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा था। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले प्रत्याशी न तो जनता से जुड़े और न ही संगठन को साथ लेकर चले। यही वजह है कि इस बार कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर खींचतान और बढ़ गई है।

क्यों खास है यह सीट?

विशेषज्ञों का मानना है कि लखीसराय सीट पर मुकाबला इसलिए दिलचस्प हो गया है क्योंकि यहां भाजपा के बड़े चेहरे विजय सिन्हा मैदान में हैं। महागठबंधन और छोटे दल इस बार किसी भी कीमत पर उन्हें घेरना चाहते हैं। यही कारण है कि राजद, वीआईपी और लोजपा तीनों ही इस सीट पर अपनी-अपनी ताकत झोंक रहे हैं।

आपको बता दें कि, लखीसराय विधानसभा सीट पर इस बार सत्ता बनाम चुनौती का सबसे बड़ा सियासी मुकाबला देखने को मिलेगा।