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बिहार चुनाव 2025: ओवैसी ने बायसी सीट से गुलाम सरवर को उतारा मैदान में, AIMIM का दूसरा प्रत्याशी घोषित

 
बिहार चुनाव 2025: ओवैसी ने बायसी सीट से गुलाम सरवर को उतारा मैदान में, AIMIM का दूसरा प्रत्याशी घोषित

Patna Desk: बिहार विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग 6 अक्टूबर के बाद कभी भी तिथि की घोषणा कर सकता है। राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। महागठबंधन और एनडीए जहां सीधी टक्कर में माने जा रहे हैं, वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी अपने प्रत्याशियों का ऐलान शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पार्टी ने सीमांचल की बायसी विधानसभा सीट से गुलाम सरवर को उम्मीदवार घोषित किया। यह AIMIM का दूसरा प्रत्याशी है।

2020 में जीत, लेकिन विधायक ने छोड़ी पार्टी

बायसी सीट AIMIM के लिए खास मानी जाती है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां पार्टी ने जीत दर्ज की थी। हालांकि, निर्वाचित विधायक सैयद रुकनुद्दीन अहमद बाद में राजद में शामिल हो गए। इसी सीट पर अब गुलाम सरवर को मौका दिया गया है। सरवर 2020 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे और करीब 5 हजार वोट हासिल किए थे। इससे पहले 2015 में AIMIM टिकट पर उन्होंने 16 हजार वोट पाए थे।

ढाका सीट से पहले ही तय हो चुका है उम्मीदवार

गौरतलब है कि मई 2025 में AIMIM ने पूर्वी चंपारण की ढाका विधानसभा सीट से राणा रणजीत सिंह को प्रत्याशी बनाया था। पार्टी की रणनीति ने सभी को चौंकाया था, क्योंकि AIMIM ने मुस्लिम राजनीति की छवि से हटकर एक हिंदू उम्मीदवार को टिकट दिया। राणा रणजीत सिंह राजपूत समाज से आते हैं और जोर-शोर से चुनावी प्रचार कर रहे हैं।

ओवैसी की अपील और गठबंधन पर बयान

बायसी में नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने गुलाम सरवर को जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि AIMIM इस बार मजबूती से चुनाव लड़ेगी और भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा भी जता चुकी है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को अनदेखा किया गया है।
उन्होंने कहा—“हमारे प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव को पत्र लिखा, सिर्फ 6 सीट मांगी गई, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। बिहार की जनता देख रही है कि भाजपा की बी-टीम कौन है।”

बायसी में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

चुनावी समीकरण देखें तो बायसी सीट पर एनडीए और महागठबंधन ने अभी अपने उम्मीदवारों का नाम घोषित नहीं किया है। ऐसे में यहां AIMIM की मौजूदगी से त्रिकोणीय मुकाबला तय माना जा रहा है। पार्टी को भरोसा है कि सीमांचल की जनता इस बार भी उसके पक्ष में खड़ी होगी।