Bihar Flood Alert: फिर बाढ़ का खतरा! कोसी-गंडक उफनाई, 17 जिलों में अलर्ट
Bihar: बिहार में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है. कोसी और गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच राज्य के 17 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. कोसी और गंडक के उफान ने खासकर नदी किनारे बसे इलाकों की चिंता बढ़ा दी है...
Bihar Flood: बिहार में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। खासकर कोसी और गंडक नदी में बढ़ते पानी ने उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ा दी है। पश्चिम चंपारण के कई गांवों में पानी पहुंच चुका है, जबकि रामनगर के दोन इलाके के 22 गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने 17 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
कोसी नदी में बढ़ा पानी, 3 लाख क्यूसेक के पार पहुंचा डिस्चार्ज
कोसी नदी की स्थिति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वीरपुर बराज पर शुक्रवार रात 8 बजे नदी का डिस्चार्ज 2,81,795 क्यूसेक दर्ज किया गया था। शनिवार सुबह 5 बजे यह बढ़कर 3,13,595 क्यूसेक पहुंच गया।
हालांकि, शनिवार शाम तक डिस्चार्ज में कुछ कमी दर्ज की गई और यह करीब 3,00,400 क्यूसेक रहा। इस साल अब तक कोसी में दर्ज यह सबसे अधिक जलस्राव बताया जा रहा है।
कोसी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
गंडक नदी का भी बढ़ा दबाव
गंडक नदी में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बराज से शुक्रवार रात करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे यह बढ़कर 2.73 लाख क्यूसेक हो गया।
इसके बाद शनिवार शाम 4 बजे तक वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा करीब 2.98 लाख क्यूसेक के पार पहुंच गई। गंडक में बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे बसे गांवों में दिखाई देने लगा है।
पश्चिम चंपारण के कई गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी
गंडक नदी का पानी पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर इलाके के कई गांवों तक पहुंच गया है। रोहुआ टोला, चकदहवा और झंडू टोला समेत आसपास के इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।
कुछ स्थानों पर सड़कों के ऊपर दो से तीन फीट तक पानी बहने की सूचना है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
रामनगर के दोन इलाके में 22 गांवों का संपर्क प्रभावित
रामनगर के दोन इलाके में भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। नौरंगिया दोन और बनकटवा करमहिया पंचायत के 22 गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क एक बार फिर प्रभावित हुआ है।
सड़कों पर पानी आने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है।
बागमती और बूढ़ी गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा
सिर्फ कोसी और गंडक ही नहीं, बल्कि उत्तर बिहार की अन्य नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है।
पूर्वी चंपारण में गंडक के साथ बूढ़ी गंडक का पानी भी बढ़ रहा है। लालबेगिया में सिकरहना नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं अहिरौलिया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर भी ऊपर चढ़ रहा है।
सीतामढ़ी में बागमती नदी के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं मधुबनी और दरभंगा के दियारा क्षेत्रों में भी पानी का असर बढ़ रहा है।
निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मधुबनी के मधुबन प्रखंड के चिऊरही समेत निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
बाढ़ की आशंका को देखते हुए बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों के साथ स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां बनाए रखने तथा नदियों और तटबंधों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधन और बचाव दल तैयार रखने को कहा गया है।
इन 17 जिलों में विशेष निगरानी
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार के 17 जिलों को विशेष निगरानी में रखा गया है। इनमें शामिल हैं:
- सीतामढ़ी
- पश्चिम चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- शिवहर
- वैशाली
- गोपालगंज
- सारण
- मधुबनी
- दरभंगा
- समस्तीपुर
- मुजफ्फरपुर
- सहरसा
- सुपौल
- मधेपुरा
- कटिहार
- खगड़िया
- बेगूसराय
इन जिलों में प्रशासन को नदियों के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
आपदा की स्थिति में आम लोग 1070 टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर मदद ले सकते हैं।
नेपाल में बारिश बढ़ी तो और बढ़ सकती है मुश्किल
बिहार में बाढ़ के खतरे के बीच नेपाल में हो रही बारिश पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहने पर कोसी, गंडक और अन्य नदियों में पानी का प्रवाह और बढ़ सकता है।
फिलहाल प्रशासन तटबंधों, बराजों, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील गांवों की लगातार निगरानी कर रहा है। आने वाले समय में नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर स्थिति का आकलन किया जाएगा।







