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बिहार में बाढ़ की आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 60 तरह की दवाओं का स्टॉक तैयार

 
बिहार में बाढ़ की आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 60 तरह की दवाओं का स्टॉक तैयार

 

 

Bihar news: नेपाल में भारी बाढ़ और बिहार की प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच राज्य के कई जिलों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। संभावित स्थिति को देखते हुए बिहार का स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

जरूरी दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में करीब 60 प्रकार की आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ के दौरान और उसके बाद संक्रमण या बीमारी फैलने की स्थिति को देखते हुए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

विभाग की ओर से उन लोगों की भी पहचान की गई है, जिन्हें बाढ़ की स्थिति में तत्काल मदद की जरूरत पड़ सकती है। इनमें गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज शामिल हैं।

संवेदनशील मरीजों के लिए पहले से तैयारी

स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए संभावित स्थानों को पहले से चिह्नित किया है। इससे बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर रेस्क्यू और मेडिकल सहायता में समय कम लगेगा।

प्रभावित इलाकों में लोगों तक सीधे चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए विशेष टीमों का भी गठन किया गया है। इन टीमों में डॉक्टर, नर्स, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ अन्य आवश्यक कर्मियों को शामिल किया गया है।

मोबाइल मेडिकल कैंप से मिलेगी मौके पर इलाज की सुविधा

बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल कैंप भी लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के जरिए लोगों को उनके आसपास ही प्राथमिक चिकित्सा और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग का फोकस केवल बाढ़ के दौरान इलाज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ के बाद संभावित जलजनित और संक्रामक बीमारियों को रोकने पर भी है।

‘स्वास्थ्य सेवाओं में कमी नहीं होने देंगे’

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह तैयार है। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी रखने के लिए आवश्यक संसाधन और मानवबल तैयार रखा गया है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी और परिस्थितियों के अनुसार विभाग की टीमें तत्काल सक्रिय होकर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाएंगी।