बिहार को मिलने जा रही एक और शानदार फोरलेन सड़क, बदल जाएगी इन 3 जिलों की सूरत
Patna News: नेशनल हाईवे-139 को फोरलेन बनाने का काम अब तेजी से आगे बढ़ने लगा है. हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और बिहार एनएच के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई है. इस मीटिंग में प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने का खाका खींचा गया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी खुद इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस प्रोजेक्ट की डीपीआर को तुरंत मंजूरी देकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए.
फोरलेन के रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करने की तैयारी शुरू हो चुकी है. एनएच के अधिकारियों ने एग्जीक्यूटिव इंजिनियर को निर्देश दिया है कि सड़क के किनारे लगे पेड़ों की गिनती और बिजली के खंभों को शिफ्ट करने का काम तुरंत शुरू करें. पेड़ों की कटाई या उन्हें दूसरी जगह लगाने के लिए वन विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके साथ ही बिजली विभाग को भी हाईटेंशन लाइन और पोल हटाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है ताकि काम के दौरान कोई बाधा न आए.
इस पूरे रूट पर गाड़ियों को जाम से बचाने के लिए बायपास बनाए जा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, दाउदनगर और अरवल में बनने वाले फोरलेन बायपास के लिए जमीन अधिग्रहण का काम बहुत तेजी से चल रहा है. कोशिश यह है कि जमीन का काम समय पर पूरा हो जाए ताकि जैसे ही निर्माण शुरू हो, बायपास का काम भी साथ-साथ रफ्तार पकड़ सके.
एनएच-139 के साथ-साथ अरवल-बिहारशरीफ मुख्य मार्ग को भी फोरलेन बनाने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं. अंबा से आगे इस हाईवे को भारतमाला परियोजना से जोड़ने के प्रस्ताव पर भी मंत्रालय में आखिरी फैसला होना बाकी है. इसके अलावा, रूट पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए एक खास सर्वे किया जा रहा है. इस सर्वे से यह तय होगा कि किस चौराहे या भीड़भाड़ वाली जगह पर अंडरपास, फ्लाईओवर या फुटओवर ब्रिज की जरूरत है.
यह प्रोजेक्ट पूरा होते ही औरंगाबाद, अरवल और पटना के बीच का सफर बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा. अभी जो दूरी तय करने में घंटों लगते हैं, वह सफर काफी कम समय में पूरा होगा. बेहतर सड़क होने से इस पूरे इलाके में व्यापार और ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे.







