गया में संपन्न हुआ बिहार विधानसभा का ‘प्रबोधन कार्यक्रम’, विधायकों को संसदीय कार्यप्रणाली का मिला विशेष प्रशिक्षण
Bihar news: बिहार विधानसभा के सदस्यों की संसदीय दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से गया स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित दो दिवसीय आवासीय ‘प्रबोधन कार्यक्रम’ का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। बिहार विधानसभा सचिवालय, बिपार्ड और लोकसभा सचिवालय के प्राइड (PRIDE) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने समान उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत बिपार्ड परिसर में ब्रह्मयोनि पहाड़ी के समीप विधायकों द्वारा वृक्षारोपण से हुई। इसके बाद संसदीय और विधायी कार्यों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विधायी प्रक्रिया, बजट, विशेषाधिकार, संसदीय नवाचार और संसदीय समितियों की भूमिका जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।
पहले सत्र में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बजट और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए, जबकि लोकसभा सचिवालय के निदेशक पार्थो गोस्वामी ने विधेयकों की प्रक्रिया, वित्तीय प्रावधानों और संसदीय समितियों की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विधायक संदीप सौरभ और उमेश कुशवाहा ने भी प्रश्नकाल, जनहित और तकनीक आधारित विधायी कार्यप्रणाली पर अपने विचार रखे।
दूसरे सत्र में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने जनप्रतिनिधियों से जनता का विश्वास बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ विशेषाधिकारों का उपयोग करने की अपील की। वहीं पुलिस मुख्यालय के एडीजी (रेल) डॉ. कमल किशोर सिंह और राज्यसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव राघव प्रसाद दास ने विशेषाधिकारों और संसदीय परंपराओं से जुड़े कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर जानकारी दी।
तीसरे सत्र में सांसद जगदंबिका पाल सहित अन्य वक्ताओं ने संसदीय समितियों की भूमिका, वित्तीय अनुशासन और जनहित से जुड़े विधायी कार्यों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान विधायकों ने विशेषज्ञों से कई सवाल पूछे और संसदीय कार्यप्रणाली को लेकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इससे पहले 11 जुलाई को कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया था। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान विधायकों को गया के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों—विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर और मां मंगला गौरी मंदिर—का भ्रमण भी कराया गया, ताकि वे क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से परिचित हो सकें।
समापन समारोह में विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने गंभीरता से भाग लिया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण से विधायकों की संसदीय कार्यक्षमता बढ़ेगी और विधानसभा की कार्यवाही अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनेगी।
समारोह के अंत में गया की आयुक्त सफीना ए.एन., पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित कई अधिकारियों को स्मृति-चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संस्थानों, विशेषज्ञों और अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।







