Bihar news: ‘हर खेत तक पानी’ का असर- निजी नलकूप योजना से शेखपुरा के किसानों की बदली तस्वीर
बारिश पर निर्भरता से मुक्ति
अमरपुर गांव के युवा किसान राहुल बताते हैं कि पहले कम बारिश के कारण गेहूं, मक्का और सरसों की खेती मुश्किल हो जाती थी। बोरिंग की सुविधा नहीं होने से खेत सूखे रह जाते थे। लेकिन योजना के तहत सरकारी सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपने खेत में निजी नलकूप लगवाया। अब वे उन्नत बीजों के साथ रबी और अन्य फसलों की खेती कर बेहतर पैदावार ले रहे हैं।
किसान मुकेश कुमार के मुताबिक, “यह योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई है। 200 फीट से अधिक गहरी बोरिंग कराकर अब हम समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे उत्पादन बढ़ा है और आमदनी भी।”
आंकड़ों में सफलता की कहानी
लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता ई. आलोक प्रसाद ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष में 1966 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1821 किसानों को स्वीकृति दी गई और 1591 किसानों के खातों में अनुदान की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। अरियरी जैसे जल-संकट वाले इलाकों को प्राथमिकता देकर योजना का लाभ पहुंचाया गया।
खेती से खुशहाली की ओर
निजी नलकूप लगने से किसान अब केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यावसायिक खेती की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। सिंचाई की स्थायी व्यवस्था ने उन्हें जोखिम से राहत दी है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खोला है।
‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ का संकल्प अब शेखपुरा के गांवों में हकीकत बनता दिख रहा है, जहां खेतों में हरियाली और किसानों के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ नजर आता है।







