Bihar news: आम बजट 2026-27 का चैंबर ने किया स्वागत, लेकिन ‘स्पेशल पैकेज’ न मिलने से बिहार निराश
चैंबर अध्यक्ष पी. के. अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने बजट में तीन प्रमुख लक्ष्यों पर जोर दिया है। पहला, वैश्विक अस्थिर हालात के बीच आर्थिक विकास को तेज और स्थिर बनाए रखना। दूसरा, आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए उनकी क्षमता का विकास करना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बन सकें। तीसरा, हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान पहुंच देना। उनके अनुसार, यह बजट सबको साथ लेकर चलने की नीति को दर्शाता है।
पी. के. अग्रवाल ने कहा कि बजट में एमएसएमई सेक्टर और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की स्थापना, हर जिले में महिला छात्रावास, खेलो इंडिया मिशन को मजबूती, गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में कमी और सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता करना स्वागतयोग्य कदम हैं।
इसके अलावा बजट में टीसीएस दरों में कमी, अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर टीसीएस में राहत, विदेशों में मौजूद संपत्ति के खुलासे के लिए छह महीने की विशेष योजना, देश में तीन नए आयुष एम्स और पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। एमएसएमई को मजबूती देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड और टी-रेड्स सेटलमेंट प्लेटफॉर्म को अनिवार्य करना भी सकारात्मक बताया गया।
इनकम टैक्स को लेकर बजट में किए गए सुधारों पर भी चैंबर ने संतोष जताया। अध्यक्ष ने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया इनकम टैक्स कानून, छोटे करदाताओं के लिए सरल नियम, फॉर्म 15G/15H के जरिए राहत, खाता-बही में त्रुटि पर आपराधिक कार्रवाई की जगह केवल पेनाल्टी का प्रावधान और सीमित विदेशी संपत्ति के खुलासे पर राहत, आम लोगों में सकारात्मक संदेश देगा।
हालांकि, चैंबर ने यह भी कहा कि बिहार के लिए किसी विशेष पैकेज की घोषणा न होने से राज्य के लोगों में कुछ निराशा जरूर है। बिहारवासियों को उम्मीद थी कि बजट में राज्य के लिए अतिरिक्त सहायता की घोषणा होगी, लेकिन इसका अभाव खला।
बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने बजट को देश की आर्थिक मजबूती की दिशा में अहम कदम बताया है, साथ ही बिहार के लिए विशेष प्रावधानों की कमी पर चिंता भी जताई है।







