‘बिहार-वन’ से बदलेगी सिस्टम की तस्वीर! अब घर बैठे मिलेंगी सरकारी सेवाएं, 87 करोड़ का डिजिटल मिशन लॉन्च
‘बिहार-वन’ से ऑनलाइन होगी हर सेवा
‘बिहार-वन’ एक ऐसा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जहां नागरिकों को सरकारी योजनाओं, प्रमाण पत्र और अन्य सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आसान बनाना है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
87 करोड़ का प्रोजेक्ट, जुलाई से होगा गो-लाइव
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को कॉरपोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने हासिल किया है, जिसकी लागत करीब 87 करोड़ रुपये है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट को जुलाई 2026 तक लागू करने का लक्ष्य तय किया है।
किसानों से छात्रों तक- सबको मिलेगा फायदा
‘बिहार-वन’ के जरिए:
• किसान खेत से ही योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे
• छात्र-छात्राएं बिना देरी प्रमाण पत्र प्राप्त कर पाएंगे
• आम नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म से कई सेवाओं का लाभ ले सकेंगे
इसके अलावा, बिहार कॉमन सोशल रजिस्ट्री से जुड़ाव के कारण लोगों को बार-बार एक ही जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, स्थानीय भाषा में चैटबॉट सुविधा भी उपलब्ध होगी।
AI और डेटा से मजबूत होगा शासन
इंडिया एआई समिट के बाद इस प्रोजेक्ट को नई रफ्तार मिली है। पटना में डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना के साथ शहर तेजी से डिजिटल हब के रूप में उभर रहा है।
रियल-टाइम डेटा और एनालिटिक्स के जरिए सरकार बेहतर नीतियां बना सकेगी और योजनाओं की निगरानी भी मजबूत होगी।
रोजगार और विकास के नए रास्ते
यह परियोजना सिर्फ प्रशासनिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में नए मौके खुलेंगे।
डिजिटल बिहार की ओर बड़ा कदम
बेल्ट्रॉन के मार्गदर्शन में ‘बिहार-वन’ आरटीपीएस और अन्य सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर एक समग्र डिजिटल सिस्टम तैयार करेगा।
साफ है, ‘बिहार-वन’ सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि बिहार को डिजिटल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी क्रांति साबित हो सकता है।







