Bihar Sarkari Naukri: 1 करोड़ रोजगार मिशन पर तेज़ी से काम शुरू, नीतीश कुमार ने सभी विभागों को जारी किए कड़े निर्देश
Bihar Sarkari Naukari: बिहार में ऐतिहासिक जनादेश मिलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रहे हैं। सरकार बनने के बाद से ही वे लगातार विकास योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं। इसी क्रम में रोजगार को लेकर उन्होंने बड़ा निर्णय लेते हुए सभी विभागों को रिक्तियों की त्वरित रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
31 दिसंबर तक भेजनी होगी सभी रिक्त पदों की सूची
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, डीएम, एसपी और पुलिस मुख्यालय को 31 दिसंबर तक अपने-अपने विभागों में मौजूद रिक्त पदों का पूरा ब्योरा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग इन रिक्तियों की जांच कर उन्हें संबंधित नियुक्ति आयोगों को हस्तांतरित करेगा।
जनवरी 2026 में जारी होगा वार्षिक नियुक्ति कैलेंडर
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सभी नियुक्ति आयोग जनवरी 2026 में पूरे वर्ष के लिए भर्ती कैलेंडर जारी करेंगे। इस कैलेंडर में विज्ञापन जारी करने की तारीख से लेकर परीक्षा और अंतिम परिणाम तक की समय-सीमा स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में एक वर्ष से अधिक का समय नहीं लगना चाहिए, चाहे परीक्षा के चरण कितने भी हों।
अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस
सीएम ने परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोगों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया के किसी भी चरण में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सजा दिलाई जाएगी। साथ ही ऑनलाइन CBT परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है, ताकि परीक्षा सुचारू और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो सके।
1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
बिहार सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है। चुनाव के दौरान किए गए इस वादे को पूरा करने के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। सीएम नीतीश ने कहा कि नई सरकार राज्य में अधिक से अधिक सरकारी नौकरियों के अवसर पैदा करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूरी दृढ़ता से काम कर रही है।
यह स्पष्ट है कि आने वाले महीनों में बिहार में बड़े पैमाने पर सरकारी बहाली के रास्ते खुलने वाले हैं, और सरकार की ओर से तय समय सीमा को देखते हुए प्रक्रियाएं पहले से अधिक तेज़ और पारदर्शी होंगी।







