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Bihar: पिपराकोठी विज्ञान केंद्र में दीक्षांत समारोह में शामिल हुए उपराष्ट्रपति
 

भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू दो दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। आज यानी कि रविवार को पिपराकोठी में उपराष्ट्रपति में स्वागत किया गया। पिपराकोठी कृषि विज्ञान केंद्र में वह शामिल हुए। यहां उनके स्वागत के लिए राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि के कुलाधिपति प्रफुल्ल कुमार मिश्रा, कुलपति डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। 

वहीं इस दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि कोरोनाकाल में डॉक्टर और किसान बिना रूके काम करते रहे। उन्हीं का आत्मसमर्पण है कि देश इतने बड़े संकट से बाहर निकल सका। यही नहीं कोरोनाकाल के दौरान हुए लॉकडाउन में जिस तरह मजदूरों को पलायन का सामना करना पड़ा उपराष्ट्रपति ने इसकी भी चर्चा की। नालन्दा व तक्षशिला यूनिवर्सिटी की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन दोनों का भारत को विश्व गुरु बनाने में अहम योगदान रहा था।

उपराष्ट्रपति ने रोजगार पर अपनी राय रखते हुए कहा कि खेती और इससे जुड़े व्यवसाय में ही वह ताकत है जिससे लोग इस रोजगार की परेशानी से बच सकते हैं। लोगों को रोजगार मिल सकता है। उनकी हालात सुधर सकती है। कोविड के दौरान लोग शहर छोड़कर गांव की तरफ भाग रहे थे। ऐसे समय में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था ने ही लोगों को थामे रखा। अगर बेहतर तरीके से कार्य किए जाएं तो कृषि व एग्रो व्यवसाय में काफी रोजगार का सृजन हो सकता है। इससे गांव से शहर की ओर पलायन कम होगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में दिन- प्रतिदिन तरीक्की हो रही है

दीक्षांत समारोह में मौजूद छात्र-छात्राओं से कहा, " आप स्नातक हुए हैं। अनुभव के साथ गर्व भी हो रहा होगा। जरूरी है कि सभी छात्र बचपन से लेकर आज तक जो भी गुरु मिले उनको याद करें व उन्हें नमन करे। आपकी नई यात्रा प्रारंभ हो रही है। आशा है कि आप देश के विकास के योगदान में अपना अभूतपूर्व योगदान देंगे।" 

उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने उपराष्ट्रपति से की मुलाकात- https://newshaat.com/bihar-local-news/deputy-chief-minister-tarkishore-prasad-calls-on-the-vice/cid5712762.htm