महिला दिवस पर बिहार का बड़ा संदेश: 10 महिलाओं को ‘बिहार अपराजिता सम्मान’, 11 नए वन स्टॉप सेंटर और पिंक बस सेवा की शुरुआत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि किसी भी समाज का वास्तविक विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक महिलाओं को समान अवसर और सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री Rama Nishad ने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar के प्रयासों से बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई पहचान मिली है। आज शिक्षा, प्रशासन और पुलिस जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
11 नए वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान मंत्री मदन सहनी और रमा निषाद ने रिमोट के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में 11 नए वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन किया। इससे पहले राज्य में 39 वन स्टॉप सेंटर पहले से संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान, कानूनी सहायता और स्किल डेवलपमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
पिंक बस सेवा को दिखाई हरी झंडी
महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए मंत्री मदन सहनी ने पिंक बस सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
10 महिलाओं को मिला ‘बिहार अपराजिता सम्मान’
कार्यक्रम के दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों की 10 महिलाओं को उनके संघर्ष और उपलब्धियों के लिए बिहार अपराजिता सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में गरिमा लोहिया समेत कई महिलाएं शामिल रहीं, जिन्होंने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।
इसके अलावा कार्यक्रम में ‘बिहार शक्ति पोर्टल’ की भी शुरुआत की गई, जिसमें राज्य की प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियों को डिजिटल रूप में संकलित किया जाएगा। साथ ही बाल विवाह उन्मूलन के लिए एक विशेष गाइड भी जारी किया गया।
कुल मिलाकर, महिला दिवस के अवसर पर बिहार सरकार की इन पहलों को महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।







