‘बिरसा लिव्स इन न्यू भारत’ से जनजातीय छात्रों को नई उड़ान, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुरू की छात्रवृत्ति योजना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल छात्रवृत्ति वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने का एक बड़ा अभियान है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के निर्माण में शिक्षित युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी और सरकार हर प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2026 उनके 150वें जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों और देश की स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी करोड़ों युवाओं को प्रेरणा देता है। अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के बावजूद उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को बिरसा मुंडा के आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लाभुक विद्यार्थियों से शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव सहयोग देगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उन्हें बेहतर शिक्षा प्राप्त कर राज्य और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के माध्यम से अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
‘बिरसा लिव्स इन न्यू भारत’ थीम पर आयोजित यह कार्यक्रम जनजातीय गौरव, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जहां विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।







