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breaking news: बिहार के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक का निधन

 
Satyapal Malik passed away

देश के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ नेता सत्यपाल मलिक का मंगलवार को दिल्ली के डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और बीते कुछ महीनों से अस्पताल में भर्ती थे। 11 मई को उनकी तबीयत और बिगड़ने के बाद से वे लगातार निगरानी में थे।

छात्र राजनीति से गवर्नर पद तक का सफर

सत्यपाल मलिक ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वे समाजवादी विचारधारा से जुड़े, फिर सांसद बने और आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए। उन्होंने बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय जैसे प्रमुख राज्यों में राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जो सत्ता में रहते हुए भी आलोचना से नहीं डरते थे।

 बेबाक बयानों के लिए थे मशहूर

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए सत्यपाल मलिक ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर खुलकर बोला और कई मौकों पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्षों में सरकार की नीतियों के विरुद्ध खुलकर आलोचना की, जिससे वे चर्चा में रहे। उनका यह रवैया उन्हें राजनीतिक गलियारों में एक बेबाक और ईमानदार नेता की पहचान दिलाता रहा।

5 अगस्त 2019 – एक ऐतिहासिक तारीख

सत्यपाल मलिक 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे। उनके कार्यकाल के दौरान ही 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 को हटाया गया, जो भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी संवैधानिक घटनाओं में से एक रही। इस फैसले के दौरान उनकी भूमिका प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

देशभर में शोक की लहर

उनके निधन की खबर से राजनीतिक, सामाजिक और बौद्धिक जगत में शोक की लहर है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के नेताओं ने उन्हें ईमानदारी, स्पष्टवादिता और साहस का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि दी है। उनका जाना एक ऐसे नेता का जाना है जो सिस्टम के भीतर रहते हुए भी उससे सवाल पूछने की हिम्मत रखता था।

 एक नजर में सत्यपाल मलिक का सफर

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सत्यपाल मलिक: विचारों की स्पष्टता और नीति पर सवाल उठाने की मिसाल

सत्यपाल मलिक का जीवन इस बात की गवाही है कि कोई भी राजनेता सत्ता में रहकर भी सच बोल सकता है, ईमानदारी से खड़ा रह सकता है, और सत्ता से सवाल भी कर सकता है। उनकी यादें केवल पदों से नहीं, बल्कि उनके विचारों और साहसिक टिप्पणियों से जुड़ी रहेंगी।