गंगा किनारे बुलडोजर का कहर- पटना में 35 पक्के अवैध निर्माण जमींदोज, 8वें दिन भी जारी सख्त अभियान
प्रशासन का कहना है कि गंगा तट पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र है और शहर के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद वर्षों से अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण खड़े किए जा रहे थे। अब “नो टॉलरेंस” नीति के तहत एक-एक अवैध ढांचे को हटाया जा रहा है।
डीएम ने साफ तौर पर कहा है कि गंगा किनारे की असर्वेक्षित जमीन पूरी तरह सरकारी संपत्ति है और इस पर किसी भी निजी दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही एसडीओ और एसडीपीओ को निर्देश दिए गए हैं कि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसकी सख्त निगरानी रखी जाए। अभियान में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यह कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी विकास योजना भी जुड़ी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार गंगा के फ्लड प्लेन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण पर पूरी तरह रोक है।
अतिक्रमण हटने के बाद प्रशासन इन क्षेत्रों को नए सिरे से विकसित करने की योजना बना रहा है। यहां हरित क्षेत्र, पार्किंग और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही गंगा पथ, अशोक राजपथ और पटना साहिब इलाके में चल रहे विकास कार्यों को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का साफ संदेश है पटना को सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने की राह में अब किसी भी अवैध कब्जे को बख्शा नहीं जाएगा, और जरूरत पड़ी तो बुलडोजर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।







