Newshaat_Logo

नालंदा की धरा से ‘विकसित बिहार’ का आह्वान: पावापुरी में ‘Let’s Inspire Bihar’ के प्रतिभा सम्मान समारोह में गूंजा 2047 का विजन

 
नालंदा की धरा से ‘विकसित बिहार’ का आह्वान: पावापुरी में ‘Let’s Inspire Bihar’ के प्रतिभा सम्मान समारोह में गूंजा 2047 का विजन
Bihar News: नालंदा के पावापुरी में ‘Let’s Inspire Bihar’ अभियान के तहत आयोजित भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह में विकसित बिहार के संकल्प की मजबूत नींव रखी गई। कार्यक्रम में वक्ता ने प्राचीन नालंदा की गौरवशाली विरासत को नमन करते हुए कहा कि यह धरती सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की प्रेरणा भी है।

उन्होंने नालंदा के शाब्दिक अर्थ ‘ना+अलं+दा’ (जहां दान का कभी अंत न हो) को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भूमि ज्ञान, त्याग और परंपरा की जीवंत मिसाल है। इसी प्रेरणा से वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के साथ ‘विकसित बिहार’ के निर्माण का लक्ष्य सामने रखा गया।

कार्यक्रम में बिहार की वर्तमान सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए मगध के प्राचीन शौर्य और सामर्थ्य का स्मरण कराया गया। वक्ता ने बताया कि इतिहास में मगध की विशाल सेना और उसकी शक्ति का उल्लेख विदेशी इतिहासकारों तक ने किया है, जो आज भी हमारी क्षमता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने ज्ञान, शौर्य और उद्यमिता की परंपरा को जन्म दिया है, लेकिन आज जरूरत है उस ऊर्जा को सही दिशा देने की। शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के लिए राज्य से पलायन को रोकना ही ‘विकसित बिहार’ का असली लक्ष्य होना चाहिए।

कार्यक्रम में जाति, संप्रदाय और भेदभाव से ऊपर उठकर शिक्षा, समता और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। वक्ता ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में बिहार के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
‘Let’s Inspire Bihar’ अभियान के तहत यह पहल राज्य में नई सोच और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।