रामनवमी पर सभापति का संदेश: ‘आस्था, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व’, समाज निर्माण का दिया आह्वान
आस्था और भक्ति का महापर्व
अपने संदेश में सभापति ने कहा कि रामनवमी के दिन श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से उपवास, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन करते हैं। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जिसे देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
सुख-शांति और समृद्धि की कामना
उन्होंने कामना की कि प्रभु श्रीराम की कृपा सभी पर बनी रहे और हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। दीयों की रोशनी और मंत्रों की गूंज से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
समाज निर्माण का दिया संदेश
सभापति ने लोगों से अपील की कि वे भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और एक स्वस्थ समाज, विकसित प्रदेश तथा समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दें।
एकता और मूल्यों का संदेश
उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमें आपसी भाईचारे, नैतिकता और सामाजिक एकता का पाठ पढ़ाते हैं, जिसे अपनाकर हम बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।







