पटना में युवाओं से रूबरू हुए चिराग पासवान, रोजगार से लेकर पेपर लीक तक उठे सवाल; बोले- युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना जरूरी
Bihar news: राजधानी पटना के वेटरनरी ग्राउंड में आयोजित ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और करियर, रोजगार, सरकारी नौकरी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल केंद्रीय मंत्री के सामने रखे।
कार्यक्रम का मकसद युवाओं की उम्मीदों, चुनौतियों और भविष्य को लेकर उनकी चिंताओं को सीधे सुनना था। सवाल-जवाब के दौरान रोजगार और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।
करियर और रोजगार पर युवाओं ने पूछे सवाल
कार्यक्रम में युवाओं ने चिराग पासवान से सरकारी नौकरियों, रोजगार के अवसर और करियर को लेकर कई सवाल किए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने युवाओं की कार्यक्षमता और बदलते समय में उनके सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की प्रगति में युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, मेहनत और प्रतिभा के बावजूद यदि युवाओं को उचित अवसर नहीं मिलते हैं तो उनकी क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता।
पेपर लीक पर चिराग ने जताई चिंता
कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा भी सामने आया। युवाओं की ओर से इस समस्या को लेकर सवाल उठाए गए।
चिराग पासवान ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, जो महीनों और वर्षों तक मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसी घटनाओं से मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य पर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
युवाओं से सीधे सवाल-जवाब ने बनाया कार्यक्रम खास
‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में युवाओं ने अपनी बात सीधे केंद्रीय मंत्री के सामने रखी। रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों के साथ युवाओं ने अपने करियर और भविष्य को लेकर भी जिज्ञासाएं साझा कीं।
चिराग पासवान ने कहा कि युवा देश को आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं और उनकी समस्याओं को समझना तथा उनके समाधान की दिशा में काम करना जरूरी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी और खुला संवाद इसकी प्रमुख विशेषता रही।







