सीएम नीतीश का ठाकुरगंज ग्रिड का निरीक्षण, कहा- अब दूरदराज़ इलाकों तक पहुंचेगी बेहतर बिजली
निरीक्षण के दौरान नार्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड और बिहार स्टेट Powerशक्ति ट्रांसमीशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस ग्रिड के शुरू होने से इलाके में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ है।
बिजली की दूरी घटी, सप्लाई हुई मजबूत
अधिकारियों के मुताबिक पहले ठाकुरगंज और आसपास के इलाकों में बिजली किशनगंज ग्रिड से आती थी, जिससे 33 केवी लाइन की लंबाई करीब 50 से 55 किलोमीटर तक हो जाती थी। अब नया ग्रिड बनने से यह दूरी घटकर लगभग 3 से 15 किलोमीटर रह गई है। इससे लाइन लॉस में कमी आई है और वोल्टेज की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो गई है।
चाय बागानों और किसानों को मिलेगा फायदा
अधिकारियों ने बताया कि इस ग्रिड उपकेंद्र से आम लोगों के साथ-साथ क्षेत्र के चाय बागानों से जुड़े किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों में उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी इससे मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी बिजली व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
आगे बढ़ेगी बिजली आपूर्ति क्षमता
गौरतलब है कि इस ग्रिड उपकेंद्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने 6 अक्टूबर 2025 को किया था। फिलहाल इस ग्रिड से ठाकुरगंज ग्रामीण, शहरी और चुरली पीएसएस को जोड़कर करीब 20 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में तीन और पीएसएस जुड़ने के बाद आपूर्ति क्षमता बढ़कर 45 से 50 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री दिलीप जैसवाल और जिले के प्रभारी मंत्री जमा खान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। साथ ही विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी ग्रिड के संचालन की व्यवस्था का जायजा लिया।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए भविष्य की योजनाओं पर तेजी से काम किया जाए, ताकि लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलती रहे।







