CM नीतीश कुमार ने पैदल चलने वालों के लिए खास ऐलान किया, बिहार में अब सड़कों पर चलने वालों को मिलेगी ये खास सुविधा...
Bihar: बिहार के शहरी इलाकों में बढ़ते वाहन और व्यस्त होते यातायात के बीच सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल होता जा रहा है. अत्यधिक ट्रैफिक के चलते हादसों की आशंकाएं हमेशा बनी रहती हैं. इन हालात में राज्य की नीतीश कुमार की सरकार ने कुछ ऐसे फैसले लिए हैं जिनसे शहरों में पद यात्रियों की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में इसके बारे में जानकारी साझा की है.
उन्होंने इस पोस्ट में लिखा है कि, ''20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के बाद सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया। सात निश्चय-3 (2025-30) के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ ( Ease of Living ) के तहत राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए हम लोग लगातार काम कर रहे हैं। इसी क्रम में सड़कों पर पैदल चलने वाले नागरिकों के सम्मान (Dignity of Pedestrians ) एवं सुविधा के लिए भी हम लोगों ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।''
नीतीश कुमार ने लिखा है - ''बिहार प्रगति के पथ पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। राज्य वासियों की आमदनी बढ़ रही है, जिसके कारण राज्य की सड़कों पर दो पहिया-चार पहिया वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, किंतु राज्य की सड़कों पर बढ़ते वाहनों की वजह से सड़कों पर पैदल चलने वाले यात्रियों को असुविधा होती है। सड़क पर सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक चलना पैदल चलने वाले लोगों का पहला अधिकार है। इसे लेकर परिवहन विभाग को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।''
सरकार ने लिए 5 फैसले
नीतीश कुमार ने बताया है कि सरकार ने पांच ऐसे फैसले लिए हैं जिनसे सड़कों पर बिना किसी परेशानी के सुरक्षित चला जा सकेगा
- सड़क सुरक्षाके मानकों को ध्यान में रखते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों में, खास तौर पर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित करके वहां जल्द ही फुटपाथ बनाए जाएंगे.
- सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए चिह्नित जगहों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का निर्देश दिया गया है.
- पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए चिह्नित स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज/एस्केलेटर और अंडरपास बनाए जाएंगे.
- सभी सरकारी और निजी वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है, ताकि वाहन चालक सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील हो सकें.
- राज्य के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में सड़क दुर्घटना की अधिक संभावना वाले स्थानों की पहचान करके पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का निर्माण एवं सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि उसका आकलन करके सड़क हादसों में कमी लाई जा सके.
उन्होंने कहा है कि, राज्य की सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को यह सभी सुविधाएं जल्द से जल्द मिल सकें, इसके लिए परिवहन विभाग को तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा है कि, ''मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल राज्य की सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन आसान होगा।''







