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बिहार पंचायत चुनाव पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, नए परिसीमन के बाद ही होगा चुनाव

 
बिहार पंचायत चुनाव पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, नए परिसीमन के बाद ही होगा चुनाव

Bihar news: बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि ग्राम पंचायतों के नए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव कराए जाएंगे। पटना में आयोजित ग्राम संसद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग परिसीमन की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर तस्वीर कुछ स्पष्ट हुई है। हालांकि, चुनाव की तारीखों का औपचारिक ऐलान अभी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से किया जाना बाकी है।

परिसीमन पूरा होने के बाद घोषित होगी चुनाव की तारीख

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी पहले कह चुके हैं कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा परिसीमन का काम पूरा होने के बाद होगी। उनके मुताबिक परिसीमन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

ऐसे में अब पंचायत चुनाव का अगला बड़ा पड़ाव परिसीमन पूरा होना और उसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाना माना जा रहा है।

मुखिया से जिला परिषद तक विकास का मांगा जाएगा हिसाब

ग्राम संसद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर भी एक अहम बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में हुए आर्थिक विकास का हिसाब लेगी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक जिला परिषद, प्रखंड प्रमुख और मुखिया से यह पूछा जाएगा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान उनके संबंधित जिला, प्रखंड और पंचायत की जीडीपी में कितनी वृद्धि हुई।

हालांकि, पंचायत या प्रखंड स्तर पर जीडीपी की गणना किस आधार पर की जाएगी और इसके लिए कौन-कौन से आर्थिक मानक तय होंगे, इस संबंध में अभी विस्तृत व्यवस्था सामने नहीं आई है।

सरकारी जमीन पर रह रहे गरीब परिवारों को पर्चा देने की घोषणा

सम्राट चौधरी ने लंबे समय से सरकारी जमीन पर रह रहे गरीब परिवारों को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो जरूरतमंद परिवार 20 से 40 वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे पात्र परिवारों को सरकार की ओर से पर्चा देने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को दिए गए हैं।

50 निजी विश्वविद्यालय बनाने का लक्ष्य

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार के आर्थिक और शैक्षणिक विकास को लेकर भी सरकार के लक्ष्य गिनाए। उन्होंने राज्य में कम से कम 50 निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य बताया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 के बाद ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बिहार के लोगों को रोजगार के लिए मजदूरी करने दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े।

पंचायत सरकार भवन बनेंगे मिनी सचिवालय

वहीं, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के अनुसार पंचायत सरकार भवनों को मिनी सचिवालय के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए ग्रामीणों को अलग-अलग सरकारी सेवाओं के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत कम करने का प्रयास किया जाएगा।

इन भवनों में जनप्रतिनिधियों के साथ संबंधित सरकारी कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी योजना है, ताकि ग्रामीण स्तर पर ही विभिन्न प्रशासनिक और सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हो सके।

चुनाव से पहले कई मोर्चों पर सरकार की तैयारी

पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन, पंचायत प्रतिनिधियों की विकास संबंधी जवाबदेही, सरकारी जमीन पर रह रहे गरीब परिवारों और पंचायत स्तर पर सरकारी सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार की घोषणाएं सामने आई हैं।

अब चुनाव की तस्वीर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद और स्पष्ट होगी।