बिहार में सर्दी का रिकॉर्ड टूटता कहर: सबौर में 4.6 डिग्री, 14 जनवरी तक ठंड से राहत के आसार नहीं
Bihar Weather Report: बिहार इस समय भीषण ठंड की गिरफ्त में है। दिन हो या रात, पारा लगातार नीचे गिरता जा रहा है और लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल 14 जनवरी तक ठंड से किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है। इस बार राज्य में सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और कई इलाकों में दशकों बाद इतनी कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
मंगलवार को भागलपुर जिले के सबौर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसे हाल के कई वर्षों का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। ठंड का असर इतना तीव्र रहा कि पहली बार इस सीजन में बिहार के सभी जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया।
पूरे राज्य में 10 डिग्री से नीचे लुढ़का पारा
पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भोजपुर, नालंदा, सीवान, गोपालगंज, औरंगाबाद, बक्सर, कैमूर, रोहतास और वैशाली समेत अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। दिन के समय हल्की धूप और शुष्क हवाओं के कारण कुछ देर के लिए राहत महसूस हुई, लेकिन रात होते ही ठंड ने फिर से अपना असर दिखाया। ठिठुरन के कारण सुबह-शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
अगले पांच दिन और कठिन
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल समेत उत्तर बिहार के अधिकतर जिलों में घना कोहरा छाया रहा। देर रात से ही पटना, जहानाबाद, पूर्णिया, किशनगंज, दरभंगा, मधुबनी सहित पूरे प्रदेश में कोहरे की चादर देखने को मिली। दिन के समय भी करीब 25 जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बने रहने की आशंका जताई गई है।
अगले पांच दिनों में दिन के तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन रात का पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है। पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण मकर संक्रांति तक ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट संभव है, जिससे कंपकंपी और ठिठुरन और तेज होगी। राजधानी पटना में बुधवार को दिन में धूप निकलने की संभावना है, लेकिन 8 जनवरी से फिर घना कुहासा छाने का अनुमान है। वहीं, 14 जनवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का प्रभाव जारी रह सकता है।
बिहार की फिज़ा इन दिनों बेहद सर्द और बेरहम बनी हुई है, जहां ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।







