कॉमफेड–बीएससीबी की बड़ी पहल: दुग्ध किसानों को मिलेगा रियल-टाइम भुगतान, सहकारी तंत्र होगा डिजिटल रूप से एकीकृत
बैठक की अध्यक्षता कॉमफेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ ने की। इसमें दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
डिजिटल एकीकरण पर बनी रणनीति
बैठक में प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों (PDCS) और दुग्ध किसानों को व्यापक रूप से ऑनबोर्ड करने की रूपरेखा तैयार की गई। उद्देश्य है कि किसानों को वित्तीय और डिजिटल सेवाओं से सीधे जोड़ा जाए, जिससे भुगतान प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन सके।
रियल-टाइम भुगतान के लिए विकसित होगा MIS
सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि दुग्ध मूल्य का किसानों को रियल-टाइम भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) विकसित की जाएगी। यह प्रणाली दुग्ध संग्रहण, भुगतान, सदस्यता और वित्तीय लेन-देन की त्वरित ट्रैकिंग में मदद करेगी।
इससे न केवल किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा, बल्कि पूरी सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
दुग्ध सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती
तकनीकी एकीकरण और संस्थागत समन्वय से राज्य की दुग्ध सहकारी संरचना और मजबूत होगी। इस पहल से दुग्ध उत्पादकों को बेहतर वित्तीय समावेशन, डिजिटल सुविधा और संगठित सहयोग का लाभ मिलेगा।
कॉमफेड और बीएससीबी की यह संयुक्त रणनीति बिहार के दुग्ध क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और किसान-केंद्रित मॉडल की ओर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







