बिहार के नर्सिंग संस्थान का विवादित आदेश: ट्रेनिंग के दौरान शादी पर रोक, डीएम ने दिए जांच के निर्देश
Gopalganj: बिहार के गोपालगंज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां हथुआ स्थित सरकारी जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल की प्राचार्या ने छात्राओं के लिए एक 'अजीबोगरीब फरमान' जारी किया है. इस फरमान के तहत शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्राओं के विवाह करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.
गोपालगंज नर्सिंग स्कूल का अजीबोगरीब फरमान: हथुआ अनुमंडलीय जीएनएम स्कूल की प्राचार्या द्वारा जारी किए गए लिखित दिशा-निर्देश ने जिले में नई बहस छेड़ दी है. आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो छात्राएं इस संस्थान में नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं, वे अपने तीन साल के कोर्स (शैक्षणिक सत्र) के दौरान शादी नहीं कर सकतीं.
'कोर्स के दौरान शादी की तो नामांकन होगा रद्द':प्राचार्या के इस आदेश में केवल प्रतिबंध ही नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. अपने आदेश में उन्होंने कहा है कि यदि कोई छात्रा सत्र के बीच में विवाह करती है, तो उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा. छात्राओं को प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ना होगा और उन्हें संस्थान से निष्कासित कर दिया जाएगा.
किसने जारी किया यह आदेश?:दरअसल जारी किए गए नोटिस में लिखा गया है कि ''सभी छात्राओं को सूचित किया जाता है कि शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करना प्रतिबंधित है. यदि कोई छात्रा इस अवधि में शादी करती है तो इसकी सूचना विभाग को दे दी जाएगी, एवं उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा, जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होगे.''

नियम के पीछे की वजह?: आदेश के संस्थान प्रबंधन का इस नियम के पीछे तर्क है कि विवाह के बाद छात्राओं की पढ़ाई और ट्रेनिंग प्रभावित होती है. उनके अनुसार, नर्सिंग एक गंभीर पेशा है जिसमें पूर्ण समर्पण और उपस्थिति की आवश्यकता होती है, और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण छात्राएं अपने नैदानिक कर्तव्यों के साथ न्याय नहीं कर पातीं.
DM ने दिए जांच के आदेश: फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, फिलहाल जारी किए हुए पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नोटिस वायरल होने के बाद गोपालगंज डीएम पवन कुमार सिन्हा ने जांच के आदेश दिए हैं.
''इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल नोटिस की जांच कराने के लिए हथुआ एसडीएम को निर्देश दिया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने कहा है कि 24 घंटे में मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.''-पवन कुमार सिन्हा, डीएम
विवाद बढ़ा तो स्कूल की प्रिंसिपल ने दी सफाई:प्राचार्या मानसी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरा कुछ ऐसा नियम नहीं है कि बच्चों को शादी से रोकना है या किसी को आहत करने का मनसा नहीं है. कई बच्चों का कहना है कि उनकी शादी की बात चल रही है. एक बार जब शादी हो जाएगी तो फिर हमारा जो प्रोटोकॉल है हंड्रेड परसेंट उपस्थिति की वह पूरा नहीं हो पाता, इसके बावजूद गार्जियन का प्रेशर आता है. एग्जाम में बैठने के लिए दबाव दिया जाता है. सत्र में रहने रहने के लिए कहा जाता है जो हमारे बस में नहीं हो पाता.
''इसलिए हमने बच्चों को डराने के लिए एक लेटर इशू कर दिया है, ताकि बच्चे डरे और पूरी 85 प्रतिशत अटेंडेंस के साथ अपने सत्र को पूरा करें और अपनी पढ़ाई पूरी कर सके. अटेंडेंस को सही करने के लिए ही ऐसा पत्र जारी किया गया है, क्योंकि बच्चे बहुत ज्यादा एबसेंट रहते इसलिए ज्यादा से ज्यादा अटेंडेंस दे सके. इसलिए मुझे इस तरह का पत्र जारी करना पड़ा.''- मानसी सिंह, प्राचार्या







