सहकारिता सप्ताह का आगाज: बिहार में PACS को मिलेगा नया स्वरूप, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
Bihar news: सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के गठन के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित “सहकारिता सप्ताह” के पहले दिन पटना में एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में “नवीन राष्ट्रीय सहकारी नीति के माध्यम से PACS एवं जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं का सशक्तिकरण” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की 10 सहकारी समितियों को भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) की सदस्यता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि नई बिहार सहकारी नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी और सहकारिता विकसित बिहार की आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “सहकार से समृद्धि” के विजन को साकार करने की दिशा में सहकारिता मंत्रालय ने पिछले पांच वर्षों में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि PACS कंप्यूटरीकरण, राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस, कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र, जन औषधि केंद्र और डिजिटल बैंकिंग जैसी पहलों ने सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाया है। अब PACS को केवल धान-गेहूं खरीद और ऋण वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक बिहार को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि और सहकारिता क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं से सहकारिता आंदोलन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यह उन्हें नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनाएगा।
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी संस्थाओं को अधिक आधुनिक, आत्मनिर्भर और बहुउद्देशीय बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 8,463 PACS अब मॉडल उपविधि अपनाकर बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में कार्य कर रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक 4,477 PACS का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है, जबकि शेष संस्थाओं में यह कार्य जारी है। राज्य में 6,381 PACS में कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हो रहे हैं और 1,726 PACS को प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
इसके अलावा बिहार में 13,370 डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है और सात निश्चय-3 योजना के तहत सभी गांवों तक डेयरी सहकारिता का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य की 27,388 सहकारी समितियों से करीब 1.60 करोड़ किसान जुड़े हुए हैं। सरकार आने वाले समय में पांच करोड़ लोगों, विशेषकर महिलाओं को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कार्यक्रम के दौरान BBSSL के विशेषज्ञों ने सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, विपणन और सहकारिता क्षेत्र में नई पहलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी।
इस अवसर पर निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह, बिस्कोमान अध्यक्ष विशाल सिंह, BBSSL के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों से आए PACS प्रतिनिधि मौजूद रहे।







