भाकपा (माले) के 12वें बिहार राज्य सम्मेलन 16-18 मई दरभंगा में, महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य शामिल होंगे
भाकपा (माले) पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि 4 लेबर कोड के जरिये मोदी सरकार ने मजदूरों द्वारा आजादी पूर्व और आजादी के बाद ऐतिहासिक संघर्षों से हासिल अधिकारों को छीन लिया है। यूनियन बनाने, हड़ताल करने, वाजिब मजदूरी/वेतन मांगने के अधिकारों में कटौती करने के साथ-साथ काम के मनमाने घंटे तय करने का प्रावधान बनाया है। जोर जबरदस्ती से किसानों की जमीन छीनी जा रही है और दलित गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। दलितों, वंचितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर हमले बढे हैं और पूरा तंत्र हमलावरों के पक्ष में खड़ा है।
श्री झा ने कहा कि रोजगार मांग रहे युवाओं पर सरकार लाठियां भांज रही है। शिक्षा के निजीकरण के जरिये एकतरफ शिक्षा अधिकार पर हमले किये जा रहे हैं तो दूसरी तरफ भेदभाव और अभिवन्चना को संस्थागत मान्यता देने के लिए यूजीसी एक्ट का विरोध किया जा रहा है। समग्रता में कहिये तो भाजपा की फासीवादी मोदी सरकार देश के संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों को समाप्त कर कॉर्पोरेट मनुवादी तानाशाही स्थापित करना चाहती है। इसके खिलाफ संघर्षों में भाकपा (माले) अग्रणी है और हम व्यापक एकताबद्ध संघर्ष के आकांक्षी हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे बिहार के अन्दर दलित गरीबों को एकजुट कर गरीब बसाओ आंदोलन की शुरुआत की जायेगीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों की व्यापक एकता और वर्गीय चेतना के आधार पर ही भाजपाई सरकार की अमेरिकापरस्ती और अदानी अंबानी परस्ती का मुकाबला किया जा सकता है। भाकपा (माले) का 12वाँ राज्य सम्मेलन 16-18 मई को दरभंगा में प्रस्तावित है।दरभंगा जिला कमिटी इसका मेजबानी करेगी। इसे सफल बनाने की कार्ययोजना पर सम्मेलन में विचार विमर्श किया गया।
यह सम्मेलन मिथिलांचल की राजनीति को वामपंथी दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगीं। राज्य भर से 1000 से ज्यादा नेता, सांसद, विधायक, विधान पार्षद सहित भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य एवं अन्य राज्यों के शीर्ष नेता भाग लेंगे। इसके पहले बिहार के सभी जिलों में जिला सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है जिसमें नई जिला कमिटी का चुनाव कराया जा रहा है और फिर नव गठित जिला कमिटी के द्वारा नए जिला सचिव का चुनाव भी किए जा रहे हैं।







