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बाढ़ से फसल बर्बाद, अब किसानों के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग; रबी में मुफ्त मिलेंगे बीज

 
बाढ़ से फसल बर्बाद, अब किसानों के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग; रबी में मुफ्त मिलेंगे बीज

Bihar news: बिहार में बाढ़ और लगातार हुई भारी बारिश से किसानों को हुए फसल नुकसान के बाद सरकार ने केंद्र से विशेष मदद की मांग की है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने केंद्र सरकार से प्रभावित किसानों के लिए विशेष पैकेज देने के साथ-साथ बिहार की कृषि परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय योजनाओं के नियमों में जरूरी छूट देने का आग्रह किया है।

राज्य सरकार का फोकस अब बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के साथ आगामी रबी सीजन में खेती को पटरी पर लाने पर है। कृषि विभाग के अनुसार, प्रभावित इलाकों में किसानों को राई, सरसों और मटर के बीज मुफ्त दिए जाएंगे।

18 जिलों में फसलों को नुकसान

कृषि मंत्री के मुताबिक, बिहार के 18 जिलों के 84 प्रखंडों और 653 पंचायतों में बाढ़ और अत्यधिक बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे किसानों को तत्काल सहायता के साथ रबी की खेती शुरू करने में भी मदद देने की तैयारी है।

वहीं, जिन इलाकों में बारिश कम हुई है, वहां श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

केंद्र से बिहार के लिए अलग व्यवस्था की मांग

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की कृषि परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। ऐसे में केंद्र की कृषि योजनाओं को लागू करते समय राज्य की स्थानीय जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और बिहार कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से बिहार की कृषि चुनौतियों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत बताई।

खाद की किल्लत न हो, एफओआर व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

रबी सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशानी न हो, इसे लेकर भी कृषि मंत्री ने केंद्र से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उर्वरक कंपनियों से खुदरा विक्रेताओं तक खाद पहुंचाने वाली एफओआर व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को सही समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना जरूरी है। हाल के दिनों में भी बिहार में खाद की उपलब्धता और किसान सुविधाओं को लेकर कृषि विभाग की ओर से लगातार कदम उठाए गए हैं।

सिर्फ उत्पादन नहीं, किसान की कमाई बढ़ाने पर फोकस

सरकार रबी महाभियान के जरिए केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। फसल विविधीकरण के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

इसके तहत दलहन, तिलहन, मखाना, मशरूम, मसाले और बागवानी फसलों का दायरा बढ़ाने की योजना है। कृषि मंत्री ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज समय पर उपलब्ध कराने और बिहार की कृषि-जलवायु के अनुकूल नई किस्मों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।

खेत से बाजार तक मजबूत होगी व्यवस्था

किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन के साथ बाजार की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। बिहार के बाजार प्रांगणों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ने, किसान उत्पादक संगठनों को बाजार उपलब्ध कराने और भंडारण, कोल्ड चेन व प्रसंस्करण जैसी सुविधाओं का विस्तार करने की जरूरत बताई गई।

मखाना, शाही लीची, जर्दालु आम और कतरनी चावल जैसे बिहार के प्रमुख कृषि उत्पादों को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर है।

किसान पंजीकरण में तकनीकी दिक्कत दूर करने की जरूरत

कृषि मंत्री ने किसान पंजीकरण और किसान पहचान व्यवस्था को आसान बनाने की बात भी कही। उनका कहना है कि जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण कोई वास्तविक किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से बाहर नहीं होना चाहिए।

इसके लिए कृषि, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों के आंकड़ों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई गई है। किसान रजिस्ट्री और एग्रीस्टैक को लेकर कृषि विभाग पहले भी काम आगे बढ़ाने की बात कह चुका है।

रबी सीजन में किसानों को राहत देने की तैयारी

बाढ़ से हुए नुकसान के बाद अब सरकार की चुनौती प्रभावित किसानों को दोबारा खेती से जोड़ने की है। मुफ्त बीज, खाद की उपलब्धता, तकनीकी सहायता और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने के जरिए रबी सीजन में कृषि गतिविधियों को गति देने की तैयारी है।

कृषि मंत्री ने केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने और खेती को फिर से मजबूत करने पर जोर दिया है.