राम कथा में उमड़ा जनसैलाब- बेतिया में छठे दिन भक्ति में डूबा शहर, राजन जी महाराज ने सुनाया राम गुणगान
राम और भाइयों के गुणों का वर्णन
महाराज ने कहा कि श्रीराम आनंद और करुणा के अथाह सागर हैं, जिनके हृदय में अपार शांति बसती है। उन्होंने लक्ष्मण को शेषावतार और राम के परम प्रिय बताया, वहीं भरत को त्याग, समर्पण और प्रेम की साक्षात मूर्ति कहा। शत्रुघ्न के बारे में उन्होंने बताया कि वे रामचरितमानस के मौन लेकिन अत्यंत प्रभावशाली पात्र हैं।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी
कथा में महिलाओं की भागीदारी खास तौर पर देखने को मिली। हर दिन बढ़ती भीड़ यह दिखा रही है कि लोगों में राम कथा के प्रति आस्था लगातार गहरी होती जा रही है।
राम नाम की महिमा पर जोर
राजन जी महाराज ने अपने प्रवचन में राम नाम की महिमा का भी विशेष महत्व बताया और कहा कि इसका स्मरण जीवन को सकारात्मक दिशा देता है।
यह श्रीराम कथा 29 अप्रैल को अपने समापन की ओर बढ़ेगी। फिलहाल, बेतिया में भक्ति का ऐसा माहौल है, जहां हर कोई राममय नजर आ रहा है।







