IRCTC घोटाले पर ‘निर्णायक दिन’! राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला तय करेगा—लालू परिवार पर कसेंगे शिकंजे या मिलेगी राहत?
विशेष न्यायाधीश विशाल गोने की अदालत यह तय करेगी कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए जाएं या नहीं। यह फैसला आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय करेगा।
इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अदालत का आज का रुख यह स्पष्ट करेगा कि केस ट्रायल की ओर बढ़ेगा या आरोपियों को राहत की संभावना बनेगी।
दरअसल, मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के बीएनआर रांची और पुरी होटलों के संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को देने के बदले पटना में कीमती जमीन हासिल की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित सौदे में जमीन ट्रांसफर कर उसे ऐसी कंपनियों के जरिए नियंत्रित किया गया, जिनका संबंध बाद में लालू परिवार से जुड़ा बताया गया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो पहले ही भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर चुकी है, जिसके आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को सियासी बदले की कार्रवाई बताया, जबकि ED ने अदालत के सामने ठोस सबूत होने का दावा किया।
अब सबकी नजर राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि यह मामला सियासी आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा या कानूनी शिकंजा और कसने वाला है। बिहार से लेकर दिल्ली तक, सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।







