डेहरी EO हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बोले– दोषियों को नहीं मिलेगी कोई राहत, स्पीडी ट्रायल के निर्देश
Bihar News: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड को लेकर बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिवंगत अधिकारी की पत्नी से मुलाकात कर परिवार को हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस जघन्य हत्या में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि लोकसेवक आवास पर हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले में स्पीडी ट्रायल कराने के निर्देश भी दिए, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए कई अहम खुलासे
इस बीच, औरंगाबाद मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की क्रूरता को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के शरीर पर गोली या किसी धारदार हथियार के निशान नहीं मिले, लेकिन भारी और कुंद वस्तु से किए गए कई जानलेवा वारों के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर, गर्दन, सीना, पसलियों, फेफड़ों और लिवर समेत शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए। सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन के अनुसार, विमल कुमार की मौत मल्टीपल हार्ड एंड ब्लंट इंजरी के कारण हुई।
सिर, गर्दन और लिवर पर सबसे ज्यादा चोट
मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, सिर पर हुए जोरदार प्रहार से अंदरूनी रक्तस्राव हुआ, गर्दन की दोनों प्रमुख हड्डियां टूट गईं, जिससे दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हुई। दोनों ओर की कई पसलियां टूट चुकी थीं और हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लिवर भी फट गया। इसके अलावा गले का थायरॉयड कार्टिलेज भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिला। लगातार आंतरिक रक्तस्राव के कारण अंततः हृदय ने काम करना बंद कर दिया।
जांच और न्याय पर टिकी निगाहें
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब पूरे प्रदेश की नजर पुलिस जांच की प्रगति, स्पीडी ट्रायल और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। सरकार का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।







