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बख्तियारपुर स्टेशन का नाम बदलने की मांग तेज, ‘शीलभद्र याजी नगर’ करने की उठी आवाज

 
बख्तियारपुर स्टेशन का नाम बदलने की मांग तेज, ‘शीलभद्र याजी नगर’ करने की उठी आवाज
Bakhtiyarpur News: बिहार में एक बार फिर ऐतिहासिक पहचान और नामकरण को लेकर बहस तेज हो गई है। पटना जिले के बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर “शीलभद्र याजी नगर” करने की मांग ने नया जोर पकड़ लिया है। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी संगठन एवं उत्तराधिकारी संगठन बिहार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य और केंद्र सरकार से इस दिशा में जल्द फैसला लेने की अपील की है।

संगठन के महासचिव रामानंद शर्मा ने कहा कि यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों पुरानी है। उन्होंने बताया कि 1997 में देश की आजादी की 50वीं वर्षगांठ के दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी शीलभद्र याजी के सम्मान में बख्तियारपुर स्टेशन का नाम “शीलभद्र याजी नगर” करने का प्रस्ताव रखा गया था।

संगठन का दावा है कि उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के कार्यकाल में इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार हुआ था और गृह मंत्रालय की संयुक्त समिति ने भी सकारात्मक अनुशंसा दी थी। बाद में बिहार के तत्कालीन राज्यपाल और राज्य सरकार ने भी इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय तक भेजा था।

“देशभक्तों को मिले असली सम्मान”

रामानंद शर्मा ने कहा कि यह मांग किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और इतिहास को उचित पहचान दिलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि शीलभद्र याजी नेताजी सुभास चंद्र बोस के करीबी सहयोगियों में शामिल थे और देश की आजादी के आंदोलन में उनकी बड़ी भूमिका रही थी।

संगठन ने यह भी कहा कि बिहार सरकार पहले भी आक्रांताओं के नाम पर बने शहरों और संस्थानों के नाम बदलने की बात कर चुकी है। ऐसे में बख्तियारपुर स्टेशन के नाम परिवर्तन पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।

सरकार से जल्द फैसले की मांग

संगठन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र सरकार से पुराने दस्तावेजों और सिफारिशों की समीक्षा कर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

अब इस मुद्दे के फिर से उठने के बाद बिहार की राजनीति और सामाजिक संगठनों के बीच बहस तेज होने के आसार हैं।