पटना में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, अगस्त में 97 नए मरीज मिले; 5 दिन में 18 केस की पुष्टि
Bihar news: राजधानी पटना में बारिश और जलजमाव के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसका असर अब डेंगू के मामलों पर भी दिखाई दे रहा है। जिले में अगस्त के दौरान संक्रमण की रफ्तार अचानक तेज हुई और सिर्फ एक महीने में 97 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके साथ ही 31 अगस्त तक इस साल जिले में सामने आए कुल मामलों की संख्या 167 पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच दिनों में ही डेंगू के 18 नए मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले 10 दिनों में 40 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है।
अगस्त में तेजी से बढ़े डेंगू के मामले
इस साल के शुरुआती छह महीनों में पटना में डेंगू के 44 मरीज मिले थे। जुलाई में 26 नए केस सामने आए। इसके बाद अगस्त में संक्रमण ने अचानक रफ्तार पकड़ ली और अकेले इसी महीने 97 लोग डेंगू की चपेट में आए।
आंकड़ों से साफ है कि जुलाई के मुकाबले अगस्त में मरीजों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। सात अगस्त तक ही जिले में डेंगू के कुल मामलों का आंकड़ा 89 तक पहुंच चुका था। इसके बाद भी लगातार नए मरीज सामने आते रहे।
स्वास्थ्य विभाग को सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब से भी डेंगू के मरीजों की जानकारी मिल रही है। सभी स्रोतों से प्राप्त मामलों को मिलाकर जिले की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इन इलाकों में ज्यादा मामले
पटना के बांकीपुर और पाटलिपुत्र अंचल में डेंगू के मरीज अपेक्षाकृत अधिक सामने आए हैं। इन क्षेत्रों के कई घनी आबादी वाले मोहल्लों को संवेदनशील माना जा रहा है।
कंकड़बाग, हनुमान नगर, पत्रकार नगर, अशोक नगर, पाटलिपुत्र, पोस्टल पार्क, अजीमाबाद, योगीपुर और जक्कनपुर जैसे इलाकों में मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए विशेष निगरानी की जरूरत बताई जा रही है।
जलजमाव बना बड़ी चुनौती
बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है। खाली प्लॉट, निर्माणाधीन भवन, नालियां और घरों के आसपास जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन रहे हैं।
खास बात यह है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है। ऐसे में सिर्फ गंदगी की सफाई करना पर्याप्त नहीं है। घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने देना जरूरी है।
फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान तेज
मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से संवेदनशील इलाकों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू का मरीज मिलने वाले स्थान के आसपास मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की पहचान कर उन्हें खत्म करने और लार्वीसाइडल दवा के छिड़काव की कार्रवाई की जा रही है।
सितंबर में भी बारिश और जलजमाव की संभावना को देखते हुए इन अभियानों को लगातार जारी रखना चुनौती होगी।
घरों में भी बरतनी होगी सावधानी
डेंगू पर नियंत्रण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ लोगों की सतर्कता भी जरूरी है। कूलर, गमले, पुराने टायर, डिब्बे, छतों और घर के आसपास ऐसी जगहों की नियमित जांच करनी चाहिए जहां पानी ठहर सकता है।
लगातार बढ़ते डेंगू के मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि बुखार समेत डेंगू से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और चिकित्सकीय सलाह लें। पटना में अगस्त के दौरान जिस तेजी से संक्रमण बढ़ा है, उसे देखते हुए सितंबर में रोकथाम और निगरानी दोनों पर विशेष जोर देना होगा।







