देवघर चारा घोटाला केस: सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने लालू प्रसाद यादव की जमानत पर CBI की चुनौती की सुनवाई टाली, अब 22 अप्रैल को होगी अगली बहस
सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया की पीठ में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अभी दोनों पक्षों की दलीलें पूरी नहीं हुई हैं। साथ ही कोर्ट ने यह भी नोट किया कि केस से जुड़े कुछ आरोपियों का निधन हो चुका है, ऐसे मामलों को अलग से बंद किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation की ओर से कहा गया कि हाई कोर्ट ने सजा निलंबित करते समय कानून के प्रावधानों का सही पालन नहीं किया। वहीं लालू प्रसाद यादव की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि कुछ आरोपियों को अब तक नोटिस ही जारी नहीं हुआ है, इसलिए सुनवाई पूरी मानी नहीं जा सकती।
इससे पहले Jharkhand High Court ने यादव को राहत देते हुए सजा से जुड़े आदेश में ढील दी थी, जिसके खिलाफ सीबीआई सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।
देवघर ट्रेजरी केस में लालू प्रसाद यादव पर करीब 89 लाख रुपये के गबन का आरोप है। विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि उस समय वह पशुपालन विभाग के प्रभारी थे और उन्हें कथित गड़बड़ी की जानकारी थी।
अब इस मामले में आगे की कानूनी बहस 22 अप्रैल को होगी, जिस पर सभी पक्षों की नजर टिकी है।







