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मोतिहारी जेल में भक्ति का माहौल, 132 बंदियों ने रखा नवरात्र व्रत; मुस्लिम बंदी भी कर रहे मां दुर्गा की पूजा

अपराध और सजा के लिए पहचाने जाने वाले मोतिहारी के केंद्रीय कारागार में इन दिनों आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है।
 
मोतिहारी

अपराध और सजा के लिए पहचाने जाने वाले मोतिहारी के केंद्रीय कारागार में इन दिनों आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। जेल की चारदीवारी के भीतर बंदी मां दुर्गा की आराधना में लीन हैं। रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर नवरात्र व्रत की शुरुआत की गई। इसके साथ ही पूरा जेल परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।

इस बार नवरात्र के अवसर पर मोतिहारी केंद्रीय कारागार के कुल 132 बंदियों ने व्रत रखा है। इनमें 44 सजायाफ्ता और 88 विचाराधीन बंदी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस धार्मिक आयोजन में महिला बंदियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। जेल की 18 महिला बंदियों ने कलश स्थापना कर मां दुर्गा की उपासना शुरू की है। पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से कारागार का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक बना हुआ है।

बंदियों की श्रद्धा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन की ओर से भी खास इंतजाम किए गए हैं। नवरात्र का व्रत रखने वाले बंदियों को नए कपड़े, फल, दूध, पूजा सामग्री और फलाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की इस पहल से बंदियों को पूरे नियम और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करने में मदद मिल रही है।

मोतिहारी केंद्रीय कारागार में चल रही मां दुर्गा की आराधना धार्मिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की मिसाल भी पेश कर रही है। यहां हिंदू बंदियों के साथ मुस्लिम समुदाय के बंदी भी नवरात्र का व्रत रख रहे हैं। अशोक यादव, श्रीराम सिंह, विमल सिंह और बजरंगी यादव के साथ मुस्लिम बंदी परवेज आलम और फरमान भी मां दुर्गा की भक्ति में लीन हैं। वहीं, महिला बंदियों में बबीता श्रीवास्तव, माला देवी और सुनीता देवी समेत अन्य महिलाएं भी पूजा-अर्चना कर रही हैं।

मोतिहारी जेल में नवरात्र के दौरान दिख रही यह तस्वीर बताती है कि आस्था और इंसानियत की भावना किसी धर्म या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। सलाखों के पीछे मनाया जा रहा यह पर्व धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ आपसी सद्भाव, एकता और भाईचारे का भी संदेश दे रहा है।