सोमवती अमावस्या पर डॉ. प्रेम कुमार का संदेश, सामाजिक समरसता और सेवा भाव अपनाने की अपील
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है तो उसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। यह दिन स्नान, दान, व्रत, पूजा-अर्चना तथा भगवान शिव एवं पीपल वृक्ष की आराधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। श्रद्धालु इस अवसर पर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भारतीय परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज, प्रकृति और परिवार के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का भी बोध कराती हैं। सोमवती अमावस्या आत्मचिंतन, संयम, सेवा और सद्भाव का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज में सहयोग, करुणा और मानवता के मूल्यों को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है। ऐसे अवसर हमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करते हैं। सभी नागरिकों को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
विधान सभा अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों से स्वच्छता, सदाचार और सेवा भावना को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का सकारात्मक योगदान ही समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने कामना की कि सोमवती अमावस्या का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए तथा बिहार और देश निरंतर प्रगति एवं विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।







