कृषि मंत्री विजय सिन्हा का ऑडियो वायरल करने वाला ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड, दवा जब्ती मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई
Bihar news: बिहार सरकार ने लखीसराय के तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर दीपक कुमार राम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने उन पर दवा जब्ती मामले में गंभीर लापरवाही और विभागीय प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। इससे पहले उन्हें स्थानांतरित कर ‘वेटिंग फॉर पोस्टिंग’ में रखा गया था।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 3 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, 27 मई 2026 को लखीसराय पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन से दवाएं बरामद की थीं। इस मामले की जांच औषधि निरीक्षक दीपक कुमार राम ने दो अन्य ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ की थी। आरोप है कि जांच पूरी होने के बावजूद उन्होंने अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं सौंपी और न ही आगे की आवश्यक कार्रवाई की।
इसी मामले के दौरान स्थानीय विधायक एवं वर्तमान कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और ड्रग इंस्पेक्टर के बीच हुई फोन बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस घटना के बाद मंत्री की छवि धूमिल करने की कोशिश के आरोप भी सामने आए थे और मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया था।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर की कार्यशैली से जांच प्रभावित हुई और इससे आरोपियों को अनुचित लाभ मिलने की आशंका बनी। विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए तत्काल निलंबन का फैसला लिया।
इतना ही नहीं, इस मामले में दीपक कुमार राम के खिलाफ लखीसराय के रामगढ़ चौक थाना में भी संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 118/26 दर्ज किया गया है। विभागीय आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप औषधि नियंत्रक कार्यालय, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है।
सरकार की इस कार्रवाई को दवा जब्ती मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं, मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।







