हड़ताल खत्म करो या निलंबन झेलो: राजस्व कर्मियों को उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की कड़ी चेतावनी
मुख्य सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अंचल अधिकारियों को भड़का रहे हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अधिकारी और कर्मचारी किसी के बहकावे में न आएं और जल्द से जल्द अपने दायित्वों पर लौटें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सहानुभूति को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए और जनता के कामकाज को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व मामलों के निपटारे के लिए तय समय सीमा
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सरकार ने अलग-अलग मामलों में समय-सीमा तय की है। अविवादित भूमि की मापी 7 दिन में और विवादित मामलों की मापी 11 दिन में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मापी रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 14 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा खसरा और लगान में मामूली त्रुटियों के सुधार के लिए 35 दिन, जटिल मामलों के निस्तारण के लिए 75 दिन तथा परिमार्जन सुधार के लिए 15 दिन की समय-सीमा तय की गई है।
पुलिस को भी दिए गए निर्देश
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि जमीन पर कब्जा दिलाना। बिना सक्षम आदेश के जमीन विवादों में हस्तक्षेप करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अंचल कार्यालयों में लगेगा CCTV
सरकार राजस्व कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी कदम भी उठा रही है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सभी अंचल कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और कई जगहों पर यह काम पूरा भी हो चुका है। इसके लिए सरकार ने प्रति अंचल करीब 1.25 लाख रुपये के हिसाब से कुल लगभग 6.75 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
पंचायत स्तर पर होगी सुनवाई
अब राजस्व अधिकारी अंचल कार्यालय के बजाय पंचायत स्तर पर बैठकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे। हर शनिवार होने वाले संवाद कार्यक्रम में थाना के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और इसकी निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इन नई व्यवस्थाओं से जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा तेजी से होगा और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एग्रीस्टैक में बिहार की बड़ी उपलब्धि
प्रेस वार्ता में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मडेश्वर लाल ने बताया कि राज्य में शुरू किए गए AgriStack मिशन के तहत करीब 55 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार ने बिहार को 275 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी है। सरकार का दावा है कि अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के शेष लक्ष्य भी पूरे कर लिए जाएंगे।







