गार्गी पाठशाला का विस्तार: 18 जिलों में 2000+ बच्चों को मिल रही निःशुल्क शिक्षा, वार्षिकोत्सव से पहले बांटी गई यूनिफॉर्म किट
इस अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को यूनिफॉर्म किट (शर्ट, ट्राउजर, जूते), स्कूल बैग, स्टेशनरी और पाठ्य सामग्री वितरित की जा रही है। यह वितरण बीएलपीएल और बी पी सिंह एंड शकुंतला देवी फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है, जिससे छात्रों में उत्साह और पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
गौरतलब है कि इस पहल की शुरुआत 30 अप्रैल 2022 को पटना के मात्र 3 केंद्रों से हुई थी। लेकिन सामाजिक सरोकार और समर्पण के चलते यह अभियान लगातार विस्तार करता गया। आज यह पहल बिहार के 18 जिलों तक पहुंच चुकी है, जहां 33 निःशुल्क शिक्षा केंद्रों के माध्यम से 2000 से अधिक जरूरतमंद छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं।
खास बात यह है कि इनमें से 14 जिलों के 28 केंद्र विदुषियों (महिला शिक्षिकाओं) द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो न केवल शिक्षा दे रही हैं बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी पेश कर रही हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है “हर बिहारवासी को शिक्षित और कुशल बनाना” तथा गांव-गांव और शहर-शहर तक शिक्षा की अलख जगाना।
आयोजकों ने सभी समाजसेवियों, संस्थानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुहिम से जुड़कर बिहार को शिक्षित और सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।







