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भागलपुर में किसानों का उबाल: ‘भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करो’ के नारे, फसल बर्बादी पर 60 हजार/एकड़ मुआवजे की मांग

 
भागलपुर में किसानों का उबाल: ‘भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करो’ के नारे, फसल बर्बादी पर 60 हजार/एकड़ मुआवजे की मांग
Bihar news: बिहार के नवगछिया अनुमंडल में किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) और अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने अनुमंडल कार्यालय के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा किए गए भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को लेकर था। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि यह समझौता देश के किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे खेती पर कॉरपोरेट का दबदबा बढ़ेगा। उन्होंने मांग की कि इस समझौते को तुरंत रद्द किया जाए, ताकि स्थानीय किसानों की आजीविका और बाजार सुरक्षित रह सके।

धरना स्थल पर किसानों ने हाल ही में आई आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश से हुई फसल बर्बादी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि मक्का और गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह तबाह हो गई है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों खासकर बटाईदारों को भी राहत दी जाए और 60 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को पूरे बिहार में तेज किया जाएगा।

धरना समाप्त होने के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के जरिए सरकार को मांगपत्र सौंपा। किसानों ने साफ कहा कि यह आंदोलन की शुरुआत है—अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो उनकी आवाज सड़क से लेकर सदन तक गूंजेगी।

फिलहाल, नवगछिया में किसानों का यह उबाल प्रशासन के लिए चुनौती बनता दिख रहा है और पूरे इलाके में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।