होटल के कमरे में रस्सी से लटकता मिला पिता-पुत्र का शव, दरवाजा तोड़कर निकाला गया...
Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर में शुक्रवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब बैरिया बस स्टैंड के समीप स्थित एक गेस्ट हाउस के कमरे से पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी एक व्यवसायी और उसके 15 वर्षीय पुत्र का शव फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया. यह सनसनीखेज घटना अहियापुर थाना क्षेत्र की है.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया. इसके बाद गेस्ट हाउस के कमरे को सील कर दिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान आधार कार्ड के माध्यम से शुभंकर सावू (37) और उनके पुत्र देवांशु सावू (15) के रूप में हुई है.
बताया गया कि शुभंकर सावू व्यवसाय से जुड़े हुए थे और बकाया राशि की वसूली के सिलसिले में चार दिन पहले मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. उनके साथ उनका नाबालिग पुत्र भी था. दोनों गेस्ट हाउस के एक ही कमरे में ठहरे हुए थे, जबकि अन्य बेड बुक नहीं कराए गए थे. गेस्ट हाउस प्रबंधन के मुताबिक, गुरुवार रात दोनों ने साथ में खाना खाया और इसके बाद अपने कमरे में चले गए. शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो होटल स्टाफ ने उन्हें परेशान करना उचित नहीं समझा.
दोपहर बाद भी स्थिति वही रही. शाम के समय जब सफाई कर्मी कमरे तक पहुंचा और दरवाजा खटखटाया, तब भी भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद उसने तुरंत मैनेजर पंकज गोस्वामी को सूचना दी. मैनेजर पंकज गोस्वामी ने दरवाजे के होल से अंदर झांककर देखा तो उनके होश उड़ गए. कमरे के भीतर व्यवसायी और उसका पुत्र रस्सी के फंदे से लटके हुए दिखाई दिए.
उन्होंने तत्काल अहियापुर थाने की पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया. इसके बाद दोनों शवों को नीचे उतारकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया, जिसने कमरे के भीतर से साक्ष्य जुटाए. पुलिस हर संभावित एंगल से जांच कर रही है. प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है.
कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद होने की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है. अहियापुर थानेदार रोहन कुमार ने बताया कि मृत व्यवसायी ने गेस्ट हाउस मैनेजर को पहले ही यह जानकारी दी थी कि वह व्यवसायिक बकाया की वसूली के लिए मुजफ्फरपुर आए हैं. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं आर्थिक दबाव, लेन-देन का विवाद या कोई अन्य वजह इस घटना के पीछे तो नहीं है. मृतक के मोबाइल फोन, यात्रा से जुड़े दस्तावेज और अन्य निजी सामान की भी जांच की जा रही है.
घटना की खबर फैलते ही गेस्ट हाउस और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई. स्थानीय लोग इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आए. वहीं, मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके मुजफ्फरपुर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है. परिजनों के आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी. फिलहाल पुलिस गेस्ट हाउस के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पिछले कुछ दिनों में मृतक किन लोगों के संपर्क में थे और उनके साथ क्या गतिविधियां हुईं.
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा. इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बाहर से कारोबार के सिलसिले में आने वाले लोगों की मानसिक और आर्थिक स्थिति पर किस तरह का दबाव रहता है. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी तरह की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मुजफ्फरपुर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग पिता-पुत्र की असामयिक मौत से गहरे सदमे में हैं.







