Newshaat_Logo

पटना में प्राइवेट स्कूलों की फीस लूट पर लगा ब्रेक, डीएम ने जारी किया सख्त आदेश, अब मनमानी बढ़ोतरी नहीं होगी बर्दाश्त

Patna Private Schools Fee Hike DM Strict Action: पटना में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के मामलों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला अधिकारी (डीएम) ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर “अनियंत्रित फीस वृद्धि” थोपने की अनुमति नहीं दी जाएगी. नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
 
BIHAR PRIVATE SCHOOLS

Patna Private Schools Fee Hike DM Strict Action: पटना में प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. डीएम ने साफ संदेश दे दिया है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

क्या है पूरा मामला

बीते कुछ महीनों से अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई प्राइवेट स्कूल निर्धारित फीस के अलावा अलग-अलग नामों पर अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं. एडमिशन फीस, ट्यूशन फीस, डेवलपमेंट फीस और एनुअल फीस के अलावा भी कई तरह के छिपे शुल्क लिए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, कई स्कूल फीस स्ट्रक्चर को लेकर स्पष्ट जानकारी भी शेयर नहीं कर रहे थे, जिससे अभिभावकों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रही थी.

डीएम ने लिया संज्ञान

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को सख्त निगरानी रखने को कहा है. डीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल बिना अनुमति फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकता और अतिरिक्त शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है.

फीस में पारदर्शिता अब अनिवार्य

प्रशासन ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी पूरी फीस स्ट्रक्चर को सार्वजनिक करें. स्कूलों को नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर फीस से जुड़ी सभी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी, ताकि अभिभावकों को पहले से पूरी जानकारी मिल सके.

शिकायत मिलते ही होगी त्वरित जांच

डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी अभिभावक की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच की जाए. यदि कोई स्कूल दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें जुर्माना, प्रशासनिक कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम भी शामिल होंगे.

‘छात्रों के हितों से समझौता नहीं’

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने साफ कहा कि छात्रों और अभिभावकों के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना गलत है और इसे हर हाल में रोका जाएगा.

फीस रेगुलेशन कमिटी भी रहेगी एक्टिव

सरकार द्वारा गठित फीस रेगुलेशन कमिटी को भी एक्टिव किया गया है. यह समिति फीस से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करेगी. इससे फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियंत्रण दोनों सुनिश्चित होगा.

अभिभावकों को मिलेगी राहत

जिला प्रशासन के इस सख्त रुख से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. लंबे समय से प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से परेशान लोगों को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है. साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है.